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धर्म-संसार
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सिंहस्थ 2016
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आलेख
सिंहस्थ 2016 - क्या खोया क्या पाया
Tuesday,May 24, 2016
विचार कुंभ : परंपराओं को जीवित रखने का प्रयास
सुनिए, मैं सिंहस्थ नगरी उज्जैन हूं....
लिंग से गाड़ी खींचने वाले नागा बाबा
नागा बाबाओं के अजब-गजब रंग
कुंभ पर्व अलग-अलग जगह पर कब-कब मनाया जाता है?
Saturday, May 7, 2016
क्या आप जानते हैं, संन्यास के पांच रंग...
Thursday, May 5, 2016
पुराणों और साहित्य में कलकल बहती क्षिप्रा नदी
Wednesday, May 4, 2016
सिंहस्थ नगरी में एक दिन : आस्था सिमटी है, ग्लैमर फैला है...
Wednesday, May 4, 2016
दुनिया की सबसे बड़ी अगरबत्ती
Wednesday, May 4, 2016
जानिए यज्ञ के नौ कुंडों की विशेषता
Friday, April 29, 2016
हिरण बना संत, देखने उमड़ी भक्तों की भीड़ (वीडियो)
Thursday, April 28, 2016
क्यूँ करते हैं नागा साधु कुंभ स्नान?
Monday, April 25, 2016
कलकल-छलछल करती पुण्य-सलिला मोक्षदायिनी शिप्रा
Sunday, April 24, 2016
जहां महाकाल हैं, जहां है मां शिप्रा .....कौन नहीं रहना चाहेगा वहां
Sunday, April 24, 2016
महापर्व सिंंहस्थ में नहीं जा सकें तो यह करें.....मिलेगा पुण्य
Sunday, April 24, 2016
कुंभ स्नान सांसारिक बंधनों से मुक्त करता है
Saturday, April 23, 2016
'मुक्तिबोध' की रचना : बहती है क्षिप्रा की धारा
Saturday, April 23, 2016
लोकरंजन और लोककल्याण का महोत्सव है कुंभ
Saturday, April 23, 2016
सिंहस्थ महापर्व : बस चलते जाइए यहां कोई डर नहीं है
Friday, April 22, 2016
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ज़रूर पढ़ें
दीपावली की रात इन संकेतों को माना जाता है मां लक्ष्मी के आगमन का प्रतीक
Deepawali 2026: दीपावली की पावन रात केवल दीपों के उजाले की ही रात नहीं होती, बल्कि यह मां लक्ष्मी के स्वागत और उनकी कृपा प्राप्त करने का सबसे मंगलमय अवसर भी माना जाता है। सनातन परंपरा और लोक मान्यताओं के अनुसार, इस रात महालक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं। जब मां लक्ष्मी का आगमन किसी घर में होने वाला होता है, तो प्रकृति और वातावरण में कुछ विशेष परिवर्तन और संकेत महसूस होते हैं। आइए इन पौराणिक और ज्योतिषीय मान्यताओं से जुड़े संकेतों को मां लक्ष्मी के आगमन के प्रतीक को लेकर विस्तार से समझते हैं...
दीपावली पर कैसे शुरू हुई रंगोली बनाने की परंपरा? जानिए इसका धार्मिक महत्व
Deepawali 2026: दीपावली का त्योहार रोशनी, खुशियों और उत्साह का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर घरों की साफ-सफाई करने से लेकर दीप जलाने, पूजा-पाठ करने और पकवान बनाने तक कई परंपराओं का पालन किया जाता है। इन्हीं परंपराओं में रंगोली बनाना भी विशेष महत्व रखता है। दीपावली के दिनों में घर के मुख्य द्वार, आंगन और पूजा स्थल पर रंग-बिरंगे रंगों, फूलों और चावल के आटे से सुंदर आकृतियां बनाई जाती हैं। दीपावली पर कैसे शुरू हुई रंगोली बनाने की परंपरा? आइए जानते हैं इसका धार्मिक महत्व और इससे जुड़ी मान्यताएं...
Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 05 नवंबर 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय
05 November 2026 Today Shubh Muhurat: क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 05 नवंबर, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त।
दीपावली पर क्यों होती है मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा? जानिए पौराणिक मान्यताएं
Deepawali 2026: दीपावली का पर्व भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में विशेष स्थान रखता है। यह त्योहार केवल दीप जलाने, घर सजाने और मिठाइयां बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ सुख-समृद्धि, शुभता, ज्ञान और सकारात्मकता की कामना भी जुड़ी हुई है। इस पर्व पर विशेष रूप से मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। दीपावली पर क्यों होती है मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा? आइए जानते हैं इस परंपरा का खास रहस्य...
भाई दूज पर क्यों की जाती है यमराज की पूजा? जानिए इसकी रोचक धार्मिक परंपरा
Bhai Dooj 2026: दीपावली का त्योहार केवल रोशनी, खुशियों और धन-समृद्धि का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह परिवार और रिश्तों की मिठास को भी अपने साथ लेकर आता है। दीपावली के 5 दिवसीय उत्सव का अंतिम पर्व भाई दूज भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास को समर्पित है। इस दिन भाई-बहन के प्रेम के साथ मृत्यु के देवता यमराज की पूजा का भी विशेष महत्व है। आखिर भाई दूज जैसे प्रेम और स्नेह के त्योहार का संबंध यमराज से कैसे जुड़ा? आइए जानते हैं इस त्योहार की पौराणिक कहानी, धार्मिक मान्यताएं और इससे जुड़ी परंपराएं...
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दिवाली के पहले धनतेरस पर बनाएं कुबेर-लक्ष्मी 'धन वर्षा पोटली': वर्षभर घर में बनी रहेगी सुख-समृद्धि
शास्त्रों में माना जाता है कि दीपावली की पावन रात महालक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और अपने भक्तों को धन-धान्य का आशीर्वाद देती हैं। यदि आप चाहते हैं कि आपके घर और व्यापार में पूरे वर्ष बरकत बनी रहे, तो दीपावली पूजन के समय 'कुबेर-लक्ष्मी धन वर्षा पोटली' जरूर स्थापित करें।
Diwali Puja Rules: दिवाली पूजा में लक्ष्मी जी की आरती करें या नहीं? जानें क्या कहते हैं ज्योतिष और शास्त्र
Diwali par Lakshmi aarti kare ya nahi: दीपावली का त्योहार देशभर में बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी, संकटमोचक भगवान गणेश और धन के कोषाध्यक्ष कुबेर देव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। हर घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की कामना के साथ दीप जलाए जाते हैं। हालांकि, हर साल दिवाली पूजन के समय लोगों के मन में एक सवाल जरूर उठता है कि "क्या मुख्य दिवाली पूजा के दौरान आरती करनी चाहिए या नहीं?" और यदि आरती करनी है, तो इसका सही समय और नियम क्या है? आइए जानते हैं ज्योतिष और धार्मिक शास्त्रों के अनुसार दिवाली पूजन और आरती से जुड़ी सही विधि।
क्यों की जाती है गोवर्धन पूजा? श्रीकृष्ण और गायों का पूजन से क्या है संबंध?
Govardhan Puja 2026: हिंदू धर्म में दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण, प्रकृति, गौमाता और अन्न के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का प्रतीक है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के गोवर्धन स्वरूप की पूजा की जाती है। घरों में गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाई जाती है और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। गोवर्धन पूजा के दिन गायों की पूजा करने का भी विशेष महत्व है। हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। गाय को सुख, समृद्धि, पोषण और धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है। आइए जानते हैं क्यों की जाती है गोवर्धन पूजा? गोवर्धन पूजा से भगवान श्रीकृष्ण और गायों का क्या है संबंध?
दिवाली 2026: रात में कब करें मां लक्ष्मी की पूजा? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और जरूरी नियम
When is Diwali in 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, दिवाली कार्तिक माह की अमावस्या तिथि को प्रदोष और निशिथ काल में मनाई जाती है। साल 2026 में दीपावली पर लक्ष्मी का पूजन 08 नवंबर 2026 रविवार के दिन रहेगा। चलिए जानते हैं इस दिन की पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजन सामग्री एवं पूजा की सरल विधि।
Dhanteras 2026: सोना नहीं खरीद पा रहे? धनतेरस पर घर ले आएं ये 5 सस्ती चीजें, बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा
Dhanteras Shopping 2026: धनतेरस पर यदि सोना खरीदना संभव न हो, तो भी चिंता की कोई बात नहीं है। शास्त्रों के अनुसार धनतेरस के दिन सोना-चांदी खरीदने का ही महत्व नहीं है, बल्कि कुछ अन्य अत्यंत पवित्र और शुभ वस्तुएं भी हैं जिन्हें घर लाने से मां लक्ष्मी और भगवान धनवंतरी की पूरी कृपा प्राप्त होती है। यदि आप सोना नहीं खरीद पा रहे हैं, तो इनमें से कोई भी एक चीज खरीदकर ला सकते हैं।
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