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शिव शंकर को फूल चढ़ाने से पहले इसे पढ़ें, कहीं आप गलती तो नहीं कर रहे, जानिए सही विधि

Updated: सोमवार, 6 अगस्त 2018 (16:23 IST)
शिव को क्या व कैसे चढ़ाएं पुष्प, जानिए पुष्प चढ़ाने की सही विधि कौन सी है? 
 
हमारे सनातन धर्म की पूजा-पद्धति में पुष्प अर्पण का विशेष महत्व है। फिर चाहे वे पुष्प माला के रूप में हों, अर्चन के रूप में हों या पुष्पांजलि के रूप में। वैसे तो पूर्ण श्रद्धाभाव से अर्पित किए गए पुष्प ईश्वर स्वीकार कर लेते हैं किन्तु हमारे शास्त्रों में किस देव को कौन से पुष्प चढ़ाए जाएं यह निर्देशित किया गया है। साथ ही साथ यह भी बताया गया है कि पुष्प चढ़ाने की सही विधि कौन सी है। 
 
आइए इस पवित्र श्रावण में मास में हम जानते हैं कि चन्द्रमौलिश्वर भगवान शिव को कौन से पुष्प अर्पित किए जाने चाहिए-
 
भगवान को शिव को अर्पित किए जाने वाले पुष्प-
 
भगवान शिव को श्वेतार्क मदार अर्थात् सफ़ेद अकाव एवं बिल्वपत्र बहुत प्रिय है। श्रावण मास में भगवान शिव को सफ़ेद अकाव के फूल की माला अर्पित करने से विशेष लाभ होता है। इसके अतिरिक्त भगवान शंकर को नीला अकाव, कनेर, धतूरे का पुष्प, शिव कटास, अपराजिता के पुष्प, शमी पुष्प, शंखपुष्पी, चमेली, नागकेसर, नागचम्पा, खस, गूलर, पलाशम केसर, कमल आदि पुष्प भी प्रिय हैं।

शिवजी को नहीं चढ़ाए जाते यह पुष्प-
 
शिवजी की पूजा में कुछ पुष्पों का चढ़ाया जाना शास्त्रसम्मत नहीं है। वे हैं- कदम्ब, केवड़ा, केतकी, शिरीष, अनार, जूही आदि।

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पुष्प अर्पण करने की सही विधि-
 
किसी भी देवी-देवता को पुष्प अर्पित करने की एक खास विधि होती है। शास्त्रानुसार उसी विधि अनुसार देवी-देवताओं को पुष्प अर्पण करना चाहिए। पुष्प सदैव जिस अवस्था में खिलते हैं उसी अवस्था में अर्पित किए जाने चाहिए अर्थात् पुष्प का मुख आकाश की ओर होना चाहिए। 
वहीं दूर्वा सदैव अपने ओर करके अर्पित की जानी चाहिए एवं बिल्व पत्र सदैव नीचे मुख रखते हुए चढ़ाना चाहिए। पुष्प अर्पित करने से पूर्व उन्हें सूंघना नहीं चाहिए। कीड़े वाले पुष्प भगवान को अर्पित नहीं किए जाते। जिन पुष्पों में पैर छू गया हो ऐसे पुष्प भी भगवान को अर्पित नहीं किए जाते। 
 
भगवान को बासी पुष्प अर्पित नहीं किए जाते। शास्त्रानुसार माली के घर के फूलों को कभी बासी नहीं माना जाता, अत: माली से फूल लेते समय बासी पुष्प का विचार नहीं करना चाहिए।
 
-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र
सम्पर्क: astropoint_hbd@yahoo.com
 
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लेखक के बारे में
पं. हेमन्त रिछारिया
ज्योतिर्विद पं. हेमन्त रिछारिया ज्योतिष प्रभाकर उपाधि से सम्मानित हैं। विगत 12 वर्षों से ज्योतिष संबंधी अनुसंधान एवं ज्योतिष से जुड़ी गलत धारणाओं का खंडन कर वास्तविक ज्योतिष के प्रचार-प्रसार में योगदान दे रहे हैं। कई ज्योतिष आधारित पुस्तकों का लेखन।.... और पढ़ें

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