Hanuman Chalisa

शिव-पार्वती संवाद : जब शिव को निरुत्तर किया माता पार्वती ने

Updated: रविवार, 26 जुलाई 2020 (17:31 IST)
हमेशा से महिलाओं के वाचाल होने की प्रवृति, और वाक चातुर्य की सारी दुनिया  कायल रही है। ऐसा ही एक मनोहारी वर्णन इस श्लोक में किया गया है जो बड़ा आनंददायक है। शिव-पार्वती का ये संवाद  मन को गुदगुदाता है-
 
कस्त्वं?शूली, मृगय भिषजं, नीलकंठ: प्रियेऽहं केकोमेकां वद, पशुपतिर्नेव दृष्ये विषाणे।
मुग्धे स्थाणु:, स चरति कथं? जीवितेश: शिवाया गच्छाटव्यामिति हतवचा पातु वश्चन्द्रचूड: ।।
 
शंकर जी ने अपने घर का द्वार खोलने हेतु आवाज दी।
 
 पार्वती जी ने पूछा - तुम कौन हो? 
 
शिव जी ने कहा - मैं शूली (त्रिशूल धारी) हूं।
 
पार्वती जी ने कहा - शूली (शूल रोग से पीड़ित) हो तो वैद्य को खोजो।
 
शिव जी ने कहा - प्रिये! मैं नीलकंठ हूं।
 
पार्वती जी ने कहा (मयूर अर्थ में ) - तो एक बार केका ध्वनि करो।
 
शंकर जी ने कहा - मैं पशुपति हूं।
 
पार्वती जी ने कहा - पशुपति (बैल) हो? तुम्हारे सिंग तो दिखाई नहीं देते?
 
शिव जी ने कहा - मुग्धे! मैं स्थाणु हूं।
 
गौरा बोलीं - स्थाणु (ठूंठ) चलता कैसे है?
 
भोले ने कहा - मैं शिवा  (पार्वती) का पति हूं।
 
शिवा बोलीं - शिवा ( भिन्न अर्थ में लोमड़ी) के पति हो तो जंगल में जाओ।
 
इस प्रकार निरुत्तर हुए शिव आप सबकी रक्षा करें।
लेखक के बारे में
डॉ. छाया मंगल मिश्र
सामाजिक विचारक, प्रोफेसर और संवेदनशील लेखिका.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 18 सितंबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

गणेश चतुर्थी 2026: गणपति को पांचवें दिन कौन सा भोग लगाएं, प्रसाद चढ़ाएं

बुधादित्य राजयोग से चमकेगा 4 राशियों का भाग्य! कन्या राशि में बुध-सूर्य की युति से मिलेंगे शुभ संकेत

भविष्य मालिका की भविष्यवाणी: क्या मक्का-मदीना में होगा घोर युद्ध? जानें क्या किया गया है दावा

नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर: जानिए कुंडली में क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र और भविष्य के संकेत

अगला लेख