biodatamaker

श्रावण मास में करें शिव का रुद्राभिषेक, वे होंगे अति प्रसन्न

Updated: बुधवार, 26 जुलाई 2017 (12:13 IST)
श्रावण मास वर्षा ऋतु का महीना है। इसी माह में श्रावण सोमवार, मंगला गौरी व्रत, हरियाली अमावस्या, हरियाली तीज, नागपंचमी, रक्षाबंधन आदि खास त्योहार आते हैं। 
 
पौराणिक जानकारी के अनुसार इसी माह में समुद्र मंथन भी हुआ था जिससे निकले हलाहल विष को भगवान शिव ने अपने कंठ में समाहित कर सृष्टि की रक्षा की थी। 

ALSO READ: श्रावण प्रामाणिक पूजन विधि के यह हैं 10 चरण
 
जब शिव का कंठ विष के प्रभाव नीला पड़ गया तब इस विष के प्रभाव को कम करने के लिए सभी देवी-देवताओं ने उन्हें जल अर्पित किया था। इसी‍लिए श्रावण माह में भोलेनाथ को जल चढ़ाने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। 
 
इस माह में शिव के रुद्राभिषेक का भी विशेष महत्व है। इस रुद्राभिषेक में शिवलिंग को गंगा जल, जल, दूध, दही, शुद्ध घी, शहद, शकर और गन्ने के रस आदि से स्नान कराया जाता है। रुद्राभिषेक के बाद बेलपत्र, दूब, शमीपत्र, नीलकमल, आक, मदार आदि अर्पित करने से शिवजी प्रसन्न होते हैं तथा शिव की पूजा के साथ शिव परिवार के सदस्यों का पूजन करने से शिव अपने भक्त पर प्रसन्न होकर उन्हें धन-सुख, संपत्ति-वैभव तथा स्वस्थ रहने का आशीष देते हैं। 

ALSO READ: भगवान शिव के गले में लिपटे नाग का नाम और अन्य रहस्य जानिए...
 
इसके साथ ही हरियाली तीज और हरियाली अमावस्या पर भी शिव पूजन का बहुत महत्व है। नागपंचमी पर नाग देवता का पूजन करने से भी शिव प्रसन्न होते हैं। 
 
सावन सोमवार की पवित्र और पौराणिक कथा (देखें वीडियो)  
 

 
Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

नीम करोली बाबा ने जब खाली LSD की गोलियां, रिचर्ड अल्बर्ट क्यों बुरी तरह घबरा गए?

राधा अष्टमी 2026: जानिए कब है श्री राधारानी का प्राकट्य उत्सव, जानें इसका धार्मिक महत्व और नियम

नीम करोली बाबा और कैंची धाम: स्टीव जॉब्स, मार्क जुकरबर्ग से लेकर विराट कोहली तक क्यों खींचे चले आते हैं दिग्गज?

मां विंध्यवासिनी जयंती: श्रीकृष्ण की बहन कौन हैं? जानें देवी से जुड़ी 5 खास बातें

द्वाराहाट का मां दूनागिरी मंदिर: 8,000 फीट की ऊंचाई पर विराजमान शक्तिपीठ

अगला लेख