dharma sangrah
✕

क्या आप जानते हैं कब कराएं महामृत्युंजय का जाप

Updated: बुधवार, 26 जुलाई 2017 (14:40 IST)
विशेष परिस्थितियों में जपें यह महामंत्र 
 
महामृत्युंजय मंत्र जपने से अकाल मृत्यु तो टलती है, आरोग्यता की भी प्राप्ति होती है। स्नान करते समय शरीर पर लोटे से पानी डालते वक्त इस मंत्र का जप करने से स्वास्थ्य-लाभ होता है। दूध में निहारते हुए इस मंत्र का जप किया जाए और फिर वह दूध पी लिया जाए तो यौवन की सुरक्षा में भी सहायता मिलती है, साथ ही इस मंत्र का जप करने से बहुत-सी बाधाएं दूर होती हैं अत: इस मंत्र का यथासंभव जप करना चाहिए। निम्नलिखित स्थितियों में इस मंत्र का जाप कराया जाता है-
 
* ज्योतिष के अनुसार यदि जन्म मास, गोचर और दशा, अंतर्दशा, स्थूलदशा आदि में ग्रह पीड़ा होने का योग है।
* किसी महारोग से कोई पीड़ित होने पर।
* जमीन-जायदाद के बंटवारे की संभावना हो।
* हैजा-प्लेग आदि महामारी से लोग मर रहे हों।
* राज्य या संपदा के जाने का अंदेशा हो।
* धनहानि हो रही हो। 
* मेलापक में नाड़ीदोष, षड़ाष्टक आदि आता हो।
* राजभय हो।
* मन धार्मिक कार्यों से विमुख हो गया हो।
* राष्ट्र का विभाजन हो गया हो।
* मनुष्यों में परस्पर घोर क्लेश हो रहा हो।
* त्रिदोषवश रोग हो रहे हों।

ALSO READ: हर पूजन से पहले जरूरी है यह स्वस्ति वाचन

ALSO READ: श्रावण मास में शिव ही नहीं श्री गणेश के यह मंत्र भी देते हैं वरदान

सावन सोमवार की पवित्र और पौराणिक कथा (देखें वीडियो) 
 
 
 

 
Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

शारदीय नवरात्रि व्रत 2026: रोज-रोज साबूदाने की खिचड़ी खाने के 6 नुकसान

भारत के 22 प्रसिद्ध और ऐतिहासिक देवी मंदिर, जानिए इनका धार्मिक महत्व और खास मान्यताएं

शारदीय नवरात्रि 2026: बंगाल में कल्पारंभ से दुर्गा विसर्जन तक निभाई जाती हैं ये खास परंपराएं

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल- 14 अक्‍टूबर, 2026

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 14 अक्‍टूबर 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

अगला लेख