Hanuman Chalisa

यदि आप कावड़ यात्रा नहीं कर पा रहे हैं तो कैसे शिवजी पर जल अर्पित करें, जानिए

Written By WD Feature Desk
Updated: शनिवार, 12 जुलाई 2025 (17:01 IST)
कावड़ यात्रा में कावड़िये दो मटकियों में किसी नदी या सरोवर का जल भरकर दूर किसी शिव मंदिर में शिवलिंग का उस जल से जलाभिषेक करते हैं। यात्रा प्रारंभ करने से पूर्ण होने तक का सफर पैदल ही तय किया जाता है। बहुत से लोग किसी न किसी कारणवश कावड़ यात्रा नहीं कर पाते हैं लेकिन उनके मन में रहता है कि वे भी इस यात्रा में शामिल हो। यदि आप भी यदि सोच रहे हैं तो जानिए कि कैसे शिवजी पर जल अर्पित करें कि कावड़ यात्रियों जैसा पुण्य प्राप्त करें। यानी यदि आप किसी कारणवश कांवड़ यात्रा नहीं कर पा रहे हैं, तो भी आप सच्ची श्रद्धा और भक्ति से अपने घर या नजदीकी शिव मंदिर में भगवान शिव को जल अर्पित कर सकते हैं।
 
'कावड़ के ये घट दोनों ब्रह्मा, विष्णु का रूप धरें।
बाँस की लंबी बल्ली में हैं, रुद्र देव साकार भरे।'
 
1. छोटी यात्रा: कावड़ यात्रा अक्सर कई किलोमीटर की होती है। कोई 30 से 40 किलोमीटर दूर जाकर जल अर्पित करता है तो कोई 100 300 किलोमीटर की यात्रा तय करके मुख्‍य शिवमंदिर में जाकर जल अर्पित करता है। आप इतना कर सकते हैं कि किस शिव मंदिर के आसपास स्थिति किसी तालाब या नदी से जलभरक पैदल ही शिव मंदिर तक जाएं और शिवजी का जलाभिषेक करें।
 
2. जलाभिषेक: यदि छोटी यात्रा भी नहीं कर सकते हैं तो अपने घर का ही शुद्ध जल लेकर शिवमंदिर में जाएं। इस जल में थोड़ा गंगाजल मिला लें। गंगा जल नहीं मिले तो नर्मदा, गोदावरी, कावेरी, कृष्णा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, क्षिप्रा, महानदी, वैतरणी, झेलम, चिनाब, सिंधु या अन्य किसी नदी का जल मिला लें। इस जल का जलाभिषेक करने से शारीरिक एवं मानसिक ताप मिटते हैं। इससे वर्षा भी होती है। गंगा जल से अभिषेक करने से ज्वर ठीक हो जाता है। तीर्थ जल से अभिषेक करने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है। कुशा जल से अभिषेक करने पर रोग व दु:ख से छुटकारा मिलता है। ज्वर की शांति हेतु शीतल जल/ गंगाजल से रुद्राभिषेक करें।
 
3. जल अर्पण की विधि:-

लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

गुप्त नवरात्रि में ये मंत्र जप लिया तो तुरंत ही दूर होंगे संकट और माता का मिलेगा आशीर्वाद

गुंडिचा मंदिर क्यों है जगन्नाथ रथयात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव? जानिए 5 खास बातें

भगवान जगन्नाथ की मौसी कौन हैं? जानिए रथयात्रा से जुड़ी यह रोचक परंपरा

गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक की सही व्याख्या क्या है? मौलाना जरजिस अंसारी के दावे की पड़ताल

पुरी के जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास: कब, कैसे और क्यों हुई शुरुआत?

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

Vijaya Parvati Vrat 2026: विजया पार्वती व्रत कब से होगा प्रारंभ, क्या है इस व्रत का महत्व

Asha Dashami Vrat 2026: आशा दशमी का महत्व और कथा

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (23 जुलाई, 2026)

23 July Birthday: आपको 23 जुलाई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

अगला लेख