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पितरों को प्रसन्न करने के 10 अचूक उपाय

सोमवार,सितम्बर 16, 2019
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हमारे पितृ या पूर्वज कई प्रकार के होते हैं। उनमें से बहुतों ने तो दूसरा जन्म ले लिया और बहुतों ने पितृलोक में स्थान ...
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हमारे पितृ या पूर्वज कई प्रकार के होते हैं। उनमें से बहुतों ने तो दूसरा जन्म ले लिया और बहुतों ने पितृलोक में स्थान ...
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देवी श्रीलक्ष्मी की कृपा के बगैर धन प्राप्त नहीं किया जा सकता। श्राद्ध पक्ष में अष्टमी का दिन गजलक्ष्मी व्रत को समर्पित ...
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पितर प्रसन्न तो सभी देवता प्रसन्न, श्राद्ध से बढ़कर और कोई कल्याणकारी कार्य नहीं है और वंशवृद्धि के लिए तो पितरों की ...
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श्राद्ध में ब्राह्मण भोजन तथा पंचबलि कर्म किया जाता है। पंचबलि में गाय, कुत्ता और कौवा के साथ 5 स्थानों पर भोजन रखा ...
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बगैर संकल्प के किए गए देव कार्य या पितृ कार्य सर्वथा व्यर्थ हैं। संकल्प इस प्रकार किया जाता है...
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पिता के श्राद्ध का अधिकार उसके बड़े पुत्र को है लेकिन यदि जिसके पुत्र न हो तो उसके सगे भाई या उनके पुत्र श्राद्ध कर ...
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निम्न मंत्रों के प्रयोग से कार्य की पूर्णता हो सकती है। 1. ॐ कुलदेवतायै नम: (21 बार) । 2. ॐ कुलदैव्यै नम: (21 ...
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ग्रंथों में अश्विन मास के कृष्ण पक्ष को ही श्राद्ध पक्ष माना गया है जो विशेष रूप से पितरों को सम्मानित करने के लिए ...
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श्राद्ध पर्व पर यह कथा अधिकांश क्षेत्रों में सुनाई जाती है। कथा के अनुसार, महाभारत के दौरान, कर्ण की मृत्यु हो जाने के ...
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जो पूर्णमासी के दिन श्राद्धादि करता है उसकी बुद्धि, पुष्टि, स्मरणशक्ति, धारणाशक्ति, पुत्र-पौत्रादि एवं ऐश्वर्य की ...
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भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से 16 दिनों के लिए श्राद्ध पक्ष शुरू हो गया है। पितृ ऋण से मुक्ति के लिए यह समय अतिमहत्वपूर्ण ...
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हम अगर श्राद्ध की बात करें तो इसमें न सिर्फ़ अपने पिता अपितु पितरों (हमारे दादा-परदादा) के प्रति भी धार्मिक क्रियाओं के ...
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पितरों के लिए श्रद्धा से किए गए मुक्ति कर्म को श्राद्ध कहते हैं तथा तृप्त करने की क्रिया और देवताओं, ऋषियों या पितरों ...
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अगर किसी की कुंडली में पितृदोष हो तो यह सबसे उत्तम समय है उससे मुक्ति का। अनिष्टकारी प्रभावों से बचने के लिए श्राद्ध के ...
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पृथ्वी लोक से उक्त आत्मा के लिए जो श्राद्ध कर्म किए जाते हैं उससे मार्ग में उसका शरीर पुष्ट होता है। 28 अंश रेतस के रूप ...
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पितृ पक्ष की लोककथा के अनुसार जोगे तथा भोगे दो भाई थे। दोनों अलग-अलग रहते थे। जोगे धनी था और भोगे निर्धन।
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भविष्यपुराण में मुनि विश्वामृत का हवाला देकर 12 प्रकार के श्राद्धों का वर्णन किया गया है। विष्णु पुराण और गरुड़ पुराण ...
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श्राद्ध महालय पक्ष में पितरों के निमित्त घर में क्या कर्म करना चाहिए। यह जिज्ञासा सभी के मन में रहती है। आइए जानें क्या ...
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