Hanuman Chalisa
✕

क्यों नहीं होते 16 दिन शुभ कार्य? श्राद्ध में कौए-श्वान और गाय का महत्व

Updated: रविवार, 23 सितम्बर 2018 (15:06 IST)
श्राद्धपक्ष का संबंध मृत्यु से है इस कारण यह अशुभ काल माना जाता है। जैसे अपने परिजन की मृत्यु के पश्चात हम शोकाकुल अवधि में रहते हैं और अपने अन्य शुभ, नियमित, मंगल, व्यावसायिक कार्यों को विराम दे देते हैं, वही भाव पितृपक्ष में भी जुड़ा है। 
 
इस अवधि में हम पितरों से और पितर हमसे जुड़े रहते हैं। अत: अन्य शुभ-मांगलिक शुभारंभ जैसे कार्यों को वंचित रखकर हम पितरों के प्रति पूरा सम्मान और एकाग्रता बनाए रखते हैं।
 
श्राद्ध में कौए-श्वान और गाय का महत्व 
 
* श्राद्ध पक्ष में पितर, ब्राह्मण और परिजनों के अलावा पितरों के निमित्त गाय, श्वान और कौए के लिए ग्रास निकालने की परंपरा है। 
 
* गाय में देवताओं का वास माना गया है, इसलिए गाय का महत्व है। 
 
* श्वान और कौए पितरों के वाहक हैं। पितृपक्ष अशुभ होने से अवशिष्ट खाने वाले को ग्रास देने का विधान है। 
 
* दोनों में से एक भूमिचर है, दूसरा आकाशचर। चर यानी चलने वाला। दोनों गृहस्थों के निकट और सभी जगह पाए जाने वाले हैं। 
 
* श्वान निकट रहकर सुरक्षा प्रदान करता है और निष्ठावान माना जाता है इसलिए पितृ का प्रतीक है।
 
 * कौए गृहस्थ और पितृ के बीच श्राद्ध में दिए पिंड और जल के वाहक माने गए हैं।

ALSO READ: श्राद्ध के दिन करें पितरों के लिए यह प्रार्थना, हर तिथि है खास

ALSO READ: कौन कर सकता है श्राद्ध? विशेष जानकारी...

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 18 सितंबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

गणेश चतुर्थी 2026: गणपति को पांचवें दिन कौन सा भोग लगाएं, प्रसाद चढ़ाएं

बुधादित्य राजयोग से चमकेगा 4 राशियों का भाग्य! कन्या राशि में बुध-सूर्य की युति से मिलेंगे शुभ संकेत

भविष्य मालिका की भविष्यवाणी: क्या मक्का-मदीना में होगा घोर युद्ध? जानें क्या किया गया है दावा

नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर: जानिए कुंडली में क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र और भविष्य के संकेत

अगला लेख