ramcharitmanas

इस बार श्राद्ध पर्व 15 दिन के, बन रहे हैं शुभ योग

Updated: बुधवार, 6 सितम्बर 2017 (17:20 IST)
6 सितंबर से शुरू सोलह श्राद्ध इस वर्ष 15 दिन के होंगे। इसी दिन दोपहर में प्रतिपदा का श्राद्ध भी होगा। 20 सितंबर, बुधवार को सर्व पितृ अमावस्या पर श्राद्ध का समापन होगा। लगातार दूसरे वर्ष तिथि घटने से पितृ पक्ष का एक दिन कम हो गया है। अब 16 दिन के श्राद्ध का संयोग वर्ष 2020 में बनेगा।
 
हिंदुओं में श्राद्ध पितरों का पर्व महत्वपूर्ण माना जाता है। पूर्णिमा से अमावस्या तक यह 16 दिन का होने से इसे सोलह श्राद्ध कहते हैं। लेकिन तिथियां घटने-बढ़ने से इसके दिन कम-ज्यादा होते रहते हैं। 2016 के बाद इस वर्ष 2017 में भी सोलह श्राद्ध 15 दिन के होंगे। 
 
इस दिन दोपहर 12:32 से प्रतिपदा तिथि लग जाएगी। जिसके चलते कई लोग इस दिन प्रतिपदा का श्राद्ध भी करेंगे। क्योंकि श्राद्ध पूजन व ब्राह्मण भोज का समय दिन में ही होता है। पितृ पक्ष का एक दिन कम होगा। वहीं कुछ पंचांगों में बीच में पंचमी तिथि का क्षय होना भी बताया जा रहा है। इस तरह पितृ पक्ष का पूरा एक दिन घटने से श्राद्ध पूरे 16 दिन नहीं होंगे।
 
श्राद्ध पक्ष में बनेंगे शुभ योग
 
श्राद्ध में पितृ प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं। इसमें खरीदी से कोई नुकसान नहीं होता है। श्राद्ध के दौरान 8 सितंबर को दोपहर 12 : 31 से अमृत सिद्धि योग, 11 सितंबर को सुबह 09:21 से रवि योग रहेगा। 12 सितंबर को सुबह 06:16 से सर्वार्थ सिद्धि योग, 14 सितंबर को रात 2 बजे से सर्वार्थ सिद्धि योग लगेगा जो 15 सितंबर तक रहेगा। 17 सितंबर को भी मंगल उदय हो रहा है। इन योगों में पूजा, दान, खरीदारी आदि कर सकते हैं।

ALSO READ: 6 सितंबर से श्राद्धपक्ष आरंभ : पितरों की पूजा से देवता भी होते हैं प्रसन्न

 

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 08 अगस्‍त 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

शुक्र का हस्त नक्षत्र में गोचर: जानिए मेष से मीन तक 12 राशियों पर क्या होगा असर

कांवड़ यात्रा 2026: किस पेड़ के नीचे से गुजरने पर कांवड़ मानी जाती है खंडित? जानिए धार्मिक मान्यता

हरतालिका तीज 2026: सिंधारा दोज से होती है व्रत की शुरुआत, जानिए इसका धार्मिक महत्व

श्रावण मास विशेष: शिवलिंग पर कितने प्रकार के अभिषेक किए जाते हैं? जानिए हर अभिषेक का महत्व

अगला लेख