biodatamaker

जान लीजिए वह 16 कारण जिनसे लगता है पितृ दोष...

Updated: सोमवार, 24 सितम्बर 2018 (13:59 IST)
इन 16 कारणों से लगता है पितृ दोष
 
प्रत्येक मनुष्य की इच्छा रहती है कि वह एवं उसका परिवार सुखी एवं संपन्न रहे। मनुष्य को अपनी इस इच्छा को पूरा करने के लिए देवता के साथ-साथ अपने पितरों का भी पूजन करना चाहिए।

मनुष्य अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव का अनुभव करता है। लेकिन कुछ कष्ट एवं अभाव ऐसे होते हैं जिन्हें सहन करना असंभव हो जाता है। ज्योतिषी, वास्तुशास्त्री, तांत्रिक, मांत्रिक जो-जो कारण बतलाते हैं, उन्हें निर्मूल करने के लिए जो प्रयास किए जाते हैं, उनका लाभ कभी नहीं, कभी कुछ तथा कभी पूर्ण रूप से प्राप्त होता है। इनमें एक है पितृ शांति।
 
 आइए जानते हैं... पितृ दोष क्यों, कैसे तथा कब होता है
 
(1) पितरों का विधिवत् संस्कार, श्राद्ध न होना।
 
(2) पितरों की विस्मृति या अपमान।
 
(3) धर्म विरुद्ध आचरण।
 
(4) वृक्ष, फल लदे, पीपल, वट इत्यादि कटवाना।
 
(5) नाग की हत्या करना, कराना या उसकी मृत्यु का कारण बनना।
 
(6) गौहत्या या गौ का अपमान करना।
 
(7) नदी, कूप, तड़ाग या पवित्र स्थान पर मल-मूत्र विसर्जन।
 
(8) कुल देवता, देवी, इत्यादि की विस्मृति या अपमान।
 
(9) पवि‍त्र स्थल पर गलत कार्य करना।
 
(10) पूर्णिमा, अमावस्या या पवित्र तिथि को संभोग करना।
 
(11) पूज्य स्त्री के साथ संबंध बनाना।
 
(12) निचले कुल में विवाह संबंध करना।
 
(13) पराई स्त्रियों से संबंध बनाना।
 
(14) गर्भपात करना या किसी जीव की हत्या करना।
 
(15) कुल की स्त्रियों का अमर्यादित होना।
 
(16) पूज्य व्यक्तियों का अपमान करना इत्यादि कई कारण हैं।

ALSO READ: श्राद्ध पक्ष में कैसे पहुंचता है पितरों को भोजन

ALSO READ: अमावस्या का उपवास करता है पितरों को तृप्त और प्रसन्न, जानिए 8 खास बातें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 18 सितंबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

गणेश चतुर्थी 2026: गणपति को पांचवें दिन कौन सा भोग लगाएं, प्रसाद चढ़ाएं

बुधादित्य राजयोग से चमकेगा 4 राशियों का भाग्य! कन्या राशि में बुध-सूर्य की युति से मिलेंगे शुभ संकेत

भविष्य मालिका की भविष्यवाणी: क्या मक्का-मदीना में होगा घोर युद्ध? जानें क्या किया गया है दावा

नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर: जानिए कुंडली में क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र और भविष्य के संकेत

अगला लेख