महाशिवरात्रि पूजन से पहले जानिए काम की बातें...भूलकर भी न चढ़ाएं इन्हें भोलेनाथ को...


शिव पूजा में बहुत सी ऐसी चीजें अर्पित की जाती हैं जो अन्य किसी देवता को नहीं चढ़ाई जाती, जैसे- आक, बेलपत्र, भांग आदि.. . इसी तरह शिव पूजा में कई ऐसी चीजें नहीं चढ़ाई जाती हैं जो अन्य देवताओं को चढ़ाई जाती हैं। 6 चीजें ऐसी हैं जो पूजा का फल देने की बजाय आपको नुकसान पहुंचा सकती हैं। आइए जानते हैं 6 ऐसी कौन सी पूजा सामग्री हैं जो भगवान शंकर को पसंद नहीं है।

1. हल्दी: हल्दी खानपान का स्वाद तो बढ़ाती है साथ ही धार्मिक कार्यों में भी हल्दी का महत्वपूर्ण स्थान माना गया है, लेकिन शिवजी की पूजा में हल्दी नहीं चढ़ाई जाती है। हल्दी उपयोग मुख्य रूप से सौंदर्य प्रसाधन में किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार शिवलिंग पुरुषत्व का प्रतीक है, इसी वजह से महादेव को हल्दी नहीं चढ़ाई जाती ले‍किन साल में सिर्फ एक बार महाशिवरात्रि के दूसरे दिन शिव जी को हल्दी चढ़ाई जाती है लेकिन साल भर और शिवरात्र पर भी हल्दी उन्हें नहीं चढ़ाना चाहिए।

2. फूल: शिव को कनेर और कमल के अलावा लाल रंग के फूल प्रिय नहीं हैं, शिव को केतकी और केवड़े के फूल चढ़ाने का निषेध किया गया है।

3. कुमकुम या रोली: शास्त्रों के अनुसार शिव जी को कुमकुम और रोली नहीं लगायी जाती है। पृथ्वी पर शिव जी योग मुद्रा में रहते हैं अत: शिवलिंग या शिव प्रतिमा पर कुमकुम नहीं चढूाया जाता है।


4. शंख: शंख भगवान विष्णु को बहुत ही प्रिय हैं, लेकिन शिव जी ने शंखचूर नामक असुर का वध किया था इसलिए शंख भगवान शिव की पूजा में वर्जित माना गया है।

5. नारियल पानी: नारियल पानी से भगवान शिव का अभिषेक नहीं करना चाहिए। नारियल को लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है, इसलिए सभी शुभ कार्य में नारियल को प्रसाद के तौर पर ग्रहण किया जाता है। शिव पर अर्पित होने के बाद नारियल या नारियल पानी ग्रहण योग्य नहीं रह जाता है। अत: शिव जी को नारियल न चढ़ाएं।

6. तुलसी: तुलसी का पत्ता भी भगवान शिव को नहीं चढ़ाना चाहिए। इस संदर्भ में असुर राज जलंधर की कथा है जिसकी पत्नी वृंदा तुलसी का पौधा बन गयी थी। भगवान शिव ने जलंधर का वध किया था इसलिए वृंदा ने भगवान शिव की पूजा में तुलसी के पत्तों का प्रयोग न करने की बात कही थी।



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