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महाशिवरात्रि पर बन रहे हैं कौन से विशेष संयोग, जानिए

Updated: गुरुवार, 23 फ़रवरी 2017 (11:42 IST)
महाशिवरात्रि का पर्व इस बार सर्वार्थ सिद्ध योग में आ रहा है। चतुर्दशी तिथि 24 फरवरी की रात्रि साढ़े नौ बजे प्रारंभ होगी। जो 25 फरवरी को रात्रि सवा नौ बजे तक रहेगी। महाशिवरात्रि का पर्व रात्रि व्यापिनी होने पर विशेष माना जाता है। 25 फरवरी की रात्रि में चतुर्दशी तिथि न होने से 24 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व शास्त्र सम्मत रहेगा।
महाशिवरात्रि को अर्द्ध रात्रि के समय ब्रह्माजी के अंश से शिवलिंग का प्राकट्य हुआ था। इसलिए रात्रि व्यापिनी चतुर्दशी का अधिक महत्व होता है।
 
दो दिन हैं सिद्ध योग 
 
इस वर्ष सबसे खास बात यह है कि दो दिन सिद्ध योग हैं। 24 फरवरी को सर्वार्थ सिद्ध योग तथा 25 फरवरी को सिद्ध योग  है।
 
24 फरवरी को चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होने के साथ ही भद्रा भी लग जाएगी लेकिन भद्रा पाताल लोक में होने के कारण महाभिषेक में कोई बाधा नहीं होगी बल्कि यह अत्यंत शुभ रहेगा। महाशिवरात्रि का व्रत कर रात्रि में शिव मंत्रों का जाप करने से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होगी।
 
पौराणिक मान्यता के अनुसार जो व्यक्ति वर्ष भर कोई व्रत उपवास नहीं रखता है और वह मात्र महाशिवरात्रि का व्रत रखता है तो उसे पूरे वर्ष के व्रतों का पुण्य प्राप्त हो जाता है। शिवरात्रि पर चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व है। 

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