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Sharad Poornima 2019: इस बार शरद पूर्णिमा 13 अक्टूबर को, जानिए चांदनी रात में क्या करें, क्या न करें

Updated: शुक्रवार, 11 अक्टूबर 2019 (15:04 IST)
शरद पूर्णिमा चन्द्रमा की चांदनी विशेष गुणकारी, श्रेष्ठ किरणों वाली और औषधियुक्त होती है। इस  चांदनी रात में शीतल चन्द्रमा की रोशनी का लाभ उठाना चाहिए। 
 
1. नेत्रज्योति बढ़ाने के लिए दशहरे से शरद पूर्णिमा तक प्रतिदिन रात्रि में 15 से 20 मिनट तक चन्द्रमा को देखकर त्राटक करें । 
 
2 . जो भी इन्द्रियां शिथिल हो गई हैं उन्हें पुष्ट करने के लिए चन्द्रमा की चांदनी में रखी खीर रखना चाहिए। 
 
3 . चंद्र देव,लक्ष्मी मां को भोग लगाकर वैद्यराज अश्विनी कुमारों से प्रार्थना करना चाहिए कि 'हमारी इन्द्रियों का तेज-ओज बढ़ाएं।' तत्पश्चात् खीर का सेवन करना चाहिए। 
 
4. शरद पूर्णिमा अस्थमा के लिए वरदान की रात होती है। रात को सोना नहीं चाहिए। रात भर रखी खीर का सेवन करने से दमे का दम निकल जाएगा।
 
5 . पूर्णिमा और अमावस्या पर चन्द्रमा के विशेष प्रभाव से समुद्र में ज्वार-भाटा आता है। जब चन्द्रमा इतने बड़े समुद्र में उथल-पुथल कर उसे कंपायमान कर देता है तो जरा सोचिए कि हमारे शरीर में जो जलीय अंश है, सप्तधातुएं हैं, सप्त रंग हैं, उन पर चन्द्रमा का कितना गहरा प्रभाव पड़ता होगा।

6. शरद पूर्णिमा पर अगर काम-विलास में लिप्त रहें तो विकलांग संतान अथवा जानलेवा बीमारी होती है। 
 
7 . शरद पूर्णिमा पर पूजा, मंत्र, भक्ति, उपवास, व्रत आदि करने से शरीर तंदुरुस्त, मन प्रसन्न और बुद्धि आलोकित होती है। 
 
8 . इस रात सूई में धागा पिरोने का अभ्यास करने से नेत्रज्योति बढ़ती है। 
 

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