dharma sangrah

जहां शनिदेव को श्रीकृष्‍ण ने दिए थे कोयल के रूप में दर्शन

Updated: शनिवार, 29 मई 2021 (09:29 IST)
Shani Mandir Kokilavan
 
आप यह तो जानते ही होंगे कि महाराष्ट्र के एक गांव शनि शिंगणापुर में शनिदेव का सिद्ध स्थान है। यह बहुत ही चमरिक स्थान है। इसी तरह मध्यप्रदेश के ग्वालियर के पास स्थित है शनिश्चरा मन्दिर। इसके बारे में किंवदंती है कि यहां हनुमानजी के द्वारा लंका से फेंका हुआ अलौकिक शनिदेव का पिण्ड है। मतलब यह कि दोनों ही स्थानों पर एक आलौकिक पत्‍थर है। परंतु क्या आप जानते हैं कि एक जगह ऐसी भी है जहां पर स्वयं श्रीकृष्‍ण ही शनिदेव के रूप में विराजमान है। नहीं, तो आओ जानते हैं। 
 
सिद्ध शनिदेव : 
 
1. शनिदेव का यह मंदिर मथुरा के कोसीकलां (कोकिलावन) में स्थित है। इस मंदिर की मान्यता भी शनि शिंगणापुर की तरह ही मानी गई है। उत्तरप्रदेश के कोशी से छह किलोमीटर दूर कोकिलावन स्थित है। 
 
2. इसके बारे में पौराणिक मान्यता है कि यहां शनिदेव के रूप में स्वयं भगवान कृष्ण भी विद्‍यमान रहते हैं। 
 
3. मान्यता है कि जो इस वन की परिक्रमा करके शनिदेव की पूजा करेगा वहीं कृष्ण की कृपा पाएंगे। उस पर से शनिदेव का प्रकोप भी हठ जाएगा। मंदिर के चारों ओर करीब 3 किलोमीटर के गोल घेरे में परिक्रमा पथ बना हुआ है। यहां आने वाले भक्त भगवान शनि की पूजा करने से पहले मंदिर की परिक्रमा करते हैं।
 
4. ऐसी मान्यता है कि यहां पर शनिदेव ने श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए कठोर तपस्या की थी। तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान कृष्ण ने शनिदेव को कोयल के रूप में दर्शन दिए थे, इसलिए इस स्थान को कोकिलावन के नाम से भी जाना जाता है।
 
5. जनश्रुति कथा के अनुसार मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था तब स्वर्ग से सभी देवताओं के सात शनिदेव की कृष्ण के बाल रूप को देखने मथुरा आए थे। नंदबाबा को जब यह पता चला तो उन्होंने भयवश शनिदेव को दर्शन कराने से मना कर दिया। नन्द बाबा को लगा कि शनिदेव की दृष्टि पड़ते ही कहीं कृष्ण के साथ कुछ अमंगल न हो जाए। तब मानसिक रूप से शनिदेव ने भगवान श्रीकृष्ण से दर्शन देने की विनती की तो कृष्ण ने शनिदेव को कहा कि वे नंदगांव के पास के वन में जाकर तपस्या करें, वहीं मैं उन्हें दर्शन दूंगा। बाद में शनिदेव की तपस्या से भगवान श्रीकृष्ण बहुत प्रसन्न हुए और कोयल के रूप में उन्होंने शनिदेव को दर्शन दिया।

ALSO READ: sade sati : साढ़े साती चल रही है और 10 बातें घटित हो तो समझो शनिदेव नाराज हैं आपसे

ALSO READ: शनिवार को करें माता कालिका का ये उपाय, शनि, कालसर्प और पितृदोष से मिलेगी मुक्ति
 
लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर: जानिए कुंडली में क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र और भविष्य के संकेत

नीच के मंगल का देश-दुनिया और 12 राशियों पर कैसा होगा असर? इन मामलों में रहें सतर्क

दधीचि जयंती: ऋषि के बारे में 5 खास बातें और पूजा का महत्व

राधा अष्टमी 2026: पूजा का मुहूर्त और पूजन विधि

गणेश चतुर्थी 2026: भगवान गणपति जी को भोग में क्यों नहीं अर्पित करते हैं तुलसी?

अगला लेख