Hanuman Chalisa

Shanichari Amavasya 2021: शनिचरी अमावस्‍या पर करें ये 5 काम, होगा भाग्योदय, मिटेगा हर कष्‍ट

इस बार 4 दिसंबर 2021 को शनिचरी अमावस्या Shanichari Amavasya 2021 है। इसी दिन वर्ष 2021 का अंतिम सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse 2021) भी लग रहा है, लेकिन भारत में इस ग्रहण का सूतक मान्य नहीं होगा। यह इस साल का दूसरा सूर्य ग्रहण है और सबसे खास बात यह है कि इस सूर्य ग्रहण पर शनिचरी अमावस्‍या का संयोग भी बन रहा है। ज्ञात हो कि शनिवार के दिन आने वाली अमावस्या को शनि अमावस्या कहते हैं, जो कि इस वर्ष 4 दिसंबर को पड़ रही है। 
 
शनिदेव Shanidev न्यायप्रिय राजा हैं। अगर आप बुरे काम नहीं करते है, किसी से धोखा, छल-कपट आदि नहीं करते हैं तो आपको इस ग्रह से डरने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि शनिदेव सज्जन लोगों को तंग नहीं करते। मान्यतानुसार शनि जाते हुए अच्छा लगता है ना कि आते हुए। 
 
ज्योतिष शास्त्र की मानें तो इस दिन शनि से पीड़ित व्यक्तियों के लिए दान का महत्व बहुत बढ़ जाता है। शनि से प्रभावित व्यक्तियों का जीवन कई प्रकार के परेशानियों से घिरा हुआ रहता हैं। बनते कार्य में बाधा आना, कार्य आसानी से न बनना, अचानक चोट लगना या निरंतर नुकसान होना आदि कई समस्याओं का सामना उन्हें करना पड़ता है। अत: इन्हीं समस्याओं से निजात पाने या इन्हें कम करने के लिए शनि अमावस्या के दिन शनि से संबंधित वस्तुओं का दान करना उत्तम रहता है। 

 
आइए जानें- Shanidev ke upay 
 
1. शनि के अशुभ प्रभाव को दूर करने के लिए एक कटोरी में तिल का तेल लेकर उसमें अपना चेहरा देखकर शनि मंदिर में कटोरी और तेल दोनों ही रख आएं। माना जाता हैं कि तिल के तेल से शनि विशेष प्रसन्न रहते हैं। 
 
2. साबुत काले उड़द सवापाव की मात्रा में लेकर काले कपड़े में बांध लें और शुक्रवार को उसे अपने पास ही रखकर सोएं। फिर शनिवार को उस पोटली को शनि मंदिर में रख आएं।
 
3. एक शीशी काला सुरमा खरीद लें और शनिवार के दिन 9 बार अपने ऊपर से सिर से पैर तक किसी से उतरवा कर सुनसान जमीन में गाड़ दें।
 
4. शनि मंत्र- ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः का जप करके भी काफी हद तक शनि के कुप्रभाव से बचा जा सकता है। Shani Amavasya 2021 
 
5. जिन लोगों की जन्मकुंडली में शनि का कुप्रभाव हो उन्हें शनिदेव के पैरों की तरफ ही देखना चाहिए और जहां तक हो सके शनि दर्शन से बचना चाहिए।

Shani Amavasya 2021

 

Show comments

सभी देखें

गुप्त नवरात्रि में ये मंत्र जप लिया तो तुरंत ही दूर होंगे संकट और माता का मिलेगा आशीर्वाद

गुंडिचा मंदिर क्यों है जगन्नाथ रथयात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव? जानिए 5 खास बातें

भगवान जगन्नाथ की मौसी कौन हैं? जानिए रथयात्रा से जुड़ी यह रोचक परंपरा

गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक की सही व्याख्या क्या है? मौलाना जरजिस अंसारी के दावे की पड़ताल

पुरी के जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास: कब, कैसे और क्यों हुई शुरुआत?

सभी देखें

क्या हिंसक जन आंदोलन से होगा भारत में सत्ता परिवर्तन, क्या कहता है मेदिनी ज्योतिष?

गुप्त नवरात्रि की नवमी के दिन करें 5 महत्वपूर्ण कार्य

भारत में बड़े जन आंदोलन की आहट? क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र, जानिए ज्योतिषीय संकेत

Devshayani Ekadashi: देवशयनी एकादशी 2026: पूजा की संपूर्ण पूजन सामग्री लिस्ट

वैवस्वत पूजा क्यों करते हैं क्या है इसका महत्व और कथा

अगला लेख