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केले का पौधा यदि है घर में तो मिलेंगे 5 चमत्कारिक लाभ

गुरुवार,फ़रवरी 27, 2020
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कर्ण एक महान योद्धा थे। वे चाहते तो युद्ध के पहले दिन ही पांडवों को मार देते लेकिन ऐसा संभव नहीं हो सकता। इसका कारण दुर्योधन द्वारा घटोत्चक पर कर्ण को अमोघ अस्त्र चलाने का कहना, दूसरा कुंती का वचन और तीसरा कृष्ण की नीति। आओ जानते हैं संक्षिप्त में।
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हिन्दू ग्रंथ पुराणों में कामदेव की चर्चा होती है। जिस तरह पश्चिमी देशों में क्यूपिड और यूनानी देशों में इरोस को प्रेम का प्रतीक माना जाता है, उसी तरह हिन्दू धर्मग्रंथों में कामदेव को प्रेम और आकर्षण का देवता कहा जाता है। कामदेव आखिर कहां कहां निवास ...
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एक तो होता है वेजीटेरियन और दूसरा होता है नॉन वेजीटेरियन। लेकिन हम यहां बात करेंगे हिन्दूटेरियन की। हिन्दूटेरियन अर्थात ऐसे भोजन जो देवताओं को प्रिय है और जिसे भोग लगाने के बाद प्रसाद रूप में ग्रहण किया जाता है। आओ जानते हैं ऐसे ही 10 भोजन के बारे ...
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अक्सर लोग अमावस्या या पूर्णिमा पर या किसी विशेष दिन जब स्नान करने जाते हैं तो बस दो या तीन चार डुबकी लगा कर आ जाते हैं। लेकिन ऐसा तो आप किसी भी नदी में कर सकते हैं। यह स्नान तो साधारण ही हुआ। नदी के पास रहने वाले लोग ऐसा स्नान रोज ही करते हैं। तब ...
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भगवान श्रीराम जहां जहां गए वहां का एक अलग ही इतिहास और परंपरा बन गया। उन्होंने अपने जीवन में कई ऐसे कार्य किए जिनसे समाज, परिवार और जनता को लाभ मिला। आओ जानते हैं ऐसे ही कुछ कार्यों के बारें में।
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इस युद्ध में कौरवों ने 11 अक्षौहिणी तथा पांडवों ने 7 अक्षौहिणी सेना एकत्रित कर लड़ाई लड़ी थी। कुल अनुमानित 45 लाख की सेना के बीच महाभारत का युद्ध 18 दिनों तक चला और इस युद्ध में कुल 18 योद्धा ही जीवित बचे थे। महाभारत के युद्ध के पश्चात कौरवों की तरफ ...
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भारत में अगरबत्ती का प्रचलन प्राचीनकाल से ही जारी है। प्रारंभ में अगरबत्ती की जगह धूप का प्रचलन था। भारत से यह प्रचलन मध्य एशिया, तिब्बत, चीन और जापान में गया। आओ जानते हैं अगरबत्ती के 5 फायदे और 5 नुकसान।
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यह कहानी महाराष्ट्र के महान संत ज्ञानेश्वर से जुड़ी हुई है। ज्ञानेश्वर का जन्म 1275 ईस्वी में महाराष्ट्र के अहमदनगर ज़िले में पैठण के पास आपेगांव में भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को हुआ था। 21 वर्ष की आयु में ही संसार का त्यागकर समाधि ग्रहण कर ली ...
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प्राचीनकाल से ही लोग खाना खाने के बाद मीठा जरूर खाते हैं। हिन्दू शास्त्र और आयुरर्वेद में भी इसका उल्लेख मिलता है। मीठा खाने के संबंध में तो आपको पता ही होगा लेकिन बहुत कम लोग नहीं जानते होंगे कि खाने के पहले तीखा या कहें कि चरका क्यों खाते हैं। आओ ...
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रामायण में प्रसंग आता है कि भगवान श्रीराम ने शबरी के झूठे बैर खाएं थे। आओ जानते हैं माता शबरी के बारे में 5 रहस्य।
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भगवान शिव दुनिया के सभी धर्मों का मूल हैं। शिव के दर्शन और जीवन की कहानी दुनिया के हर धर्म और उनके ग्रंथों में अलग-अलग रूपों में विद्यमान है। भगवान शिव के अनमोल वचनों को 'आगम ग्रंथों' में संग्रहीत किया गया है। आगम का अर्थ ज्ञान अर्जन। पारंपरिक रूप ...
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हिन्दुओं ने मंदिर बनाकर कब से पूजा और प्रार्थना करना शुरू किया। आखिर हिन्दू मंदिर निर्माण की शुरुआत कब हुई और क्यों? मंदिर की प्राचीनता के प्रमाण क्या हैं? आओ जानते हैं इसका उत्तर।
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भारत के प्राचीन धर्म के केंद्र में है भगवान शिव। उनके शैव धर्म ही भारत का पहला और प्राचीन धर्म है। हजारों वर्ष पूर्व से ही शिव की पूजा का प्रचलन रहा है। वेदों में शिव को रुद्र कहा गया है। सिंधु घाटी सभ्याता में मिले अवशेषों से भी यह सिद्ध होता है। ...
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भगवान श्रीकृष्ण की प्रेमिका राधा। महाभारत में 'राधा' के नाम का उल्लेख नहीं मिलता है। राधा का जिक्र विष्णु, पद्म पुराण और ब्रह्मवैवर्त पुराण में मिलता है। आओ हम जानते हैं राधा रानी के 10 ऐसे रहस्य जिन्हें आपको जानना चाहिए। इनमें से कुछ प्रमाणिक हैं ...
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तुलजा भवानी के उपासक, समर्थ रामदाश के शिष्य और भारत के वीर सपूतों में से एक छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म सन्‌ 19 फरवरी 1630 में मराठा परिवार में हुआ। कुछ लोग 1627 में उनका जन्म बताते हैं। उनका पूरा नाम शिवाजी भोंसले था।
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रामायण में उल्लेख मिलता है कि जब राम-रावण युद्ध में मेघनाथ आदि के भयंकर अस्त्र प्रयोग से समूची राम सेना मरणासन्न हो गई थी, तब हनुमानजी ने जामवंत के कहने पर वैद्यराज सुषेण को बुलाया और फिर सुषेण ने कहा कि आप द्रोणगिरि पर्वत पर जाकर 4 वनस्पतियां लाएं ...
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भगवान शिव की सुरक्षा और उनके आदेश को मानने के लिए उनके गण सदैव तत्पर रहते हैं। उनके गणों में भैरव को सबसे प्रमुख माना जाता है। उसके बाद नंदी का नंबर आता और फिर वीरभ्रद्र। जहां भी शिव मंदिर स्थापित होता है, वहां रक्षक (कोतवाल) के रूप में भैरवजी की ...
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कौन है शिव के माता-पिता, पत्नि-पुत्र, भाई-बहन, सास-ससुर आदि। आओ जानते हैं संक्षिप्त में हमे शिव परिवार के बार में। इससे पहले यह जान लें कि भगवान शंकर को शिव भी कहा जाता जबकि शिव शब्द का उपयोग निराकार ईश्‍वर के लिए प्रयुक्त किया जाता है जिनकी शिवलिंग ...
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केसरी और अंजना के पुत्र हनुमानजी का पवनदेव ने भी पालन-पोषण किया था। उन्हें रुद्रावतार माना जाता है इसलिए उन्हें शंकरसुमन भी कहते हैं। हम बताने जा रहे हैं हनुमानजी के ऐसे 10 रहस्य जिसके बारे में आप शायद ही जानते होंगे। इनमें से कुछ रहस्यों की हम ...
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