शनि, कालसर्प, मंगलदोष, पितृदोष एक झटके में खत्म, बस शर्त ये हैं

अशुभ की निशानी : ऐसा माना जाता है कि यदि किसी को पितृदोष है तो उसकी तरक्की रुकी रहती है। समय पर विवाह नहीं होता है। कई कार्यों में रोड़े आते रहते हैं। गृह कलह बढ़ जाती है। जीवन एक उत्सव की जगह संघर्ष हो जाता है। रुपया पैसा होते हुए भी शांति और सुकून नहीं मिलता है। शिक्षा में बाधा आती है, क्रोध आता रहता है, परिवार में बीमारी लगी रहती है, संतान नहीं होती है, आत्मबल में कमी रहती है आदि कई कारण या लक्षण बताए जाते हैं। पितृदोष का अर्थ है कि आपके पिता या पूर्वजों में जो भी दुर्गुण या रोग रहे हैं वह आपको भी हो सकते हैं। 
जिस जातक की जन्म कुंडली, लग्न/चंद्र कुंडली आदि में मंगल ग्रह, लग्न से लग्न में (प्रथम), चतुर्थ, सप्तम, अष्टम तथा द्वादश भावों में से कहीं भी स्थित हो, तो उसे मांगलिक कहते हैं। लेकिन हमने उपर बताया कि मंगल कैसे खराब होता है। इस बात को समझना जरूरी है, तो ही उसका निदान हो सकता है।
 
उपाय: 
1.मान्यता अनुसार जैसे कि 12 तरह के काल सर्प दोष होते हैं उसी तरह 9 तरह के पितृ दोष होते हैं। दरअसल, हमारा जीवन, हमारे पुरखों का दिया है। हमारे पूर्वजों का लहू, हमारी नसों में बहता है। हमें इसका कर्ज चुकाना चाहिए। इसका कर्ज चुकता है पुत्र और पुत्री के जन्म के बाद। यदि हमने अपने पिता को एक पोता और माता को एक पोती दे दिया तो आधा पितृदोष तो वहीं समाप्त।
 
2.दूसरा हमारे उपर हमारे माता पिता और पूर्वजों के अलावा हम पर स्वऋण (पूर्वजन्म का), बहन का ऋण, भाई का ऋण, पत्नी का ऋण, बेटी का ऋण आदि ऋण होते हैं। उक्त सभी का उपाय किया जा सकता है। पहली बात तो यह की सभी के प्रति विनम्र और सम्मानपूर्वक रहें।
 
4.प्रतिदिन हनुमान चालीसा पढ़ना चाहिए।
5.श्राद्ध पक्ष में बहुत श्रद्धा से श्राद्ध करना चाहिए।
6.कौए, चिढ़िया, कुत्ते और गाय को रोटी खिलाते रहना चाहिए।
7.पीपल या बरगद के वृक्ष में जल चढ़ाते रहना चाहिए।
8.केसर का तिलक लगाते रहना चाहिए।
9.कुल कुटुंब के सभी लोगों से बराबर मात्रा में सिक्के लेकर उसे मंदिर में दान कर देना चाहिए।
10.प्रतिदिन सुबह और शाम को घर में कर्पूर जलाना चाहिए।
11.दक्षिणमुखी मकान में कदापी नहीं रहना चाहिए।
12.विष्णु भगवान के मंत्र जाप, श्रीमद्‍भागवत गीता का पाठ करने से पितृदोष चला जाता है।
13.एकादशी के व्रत रखना चाहिए कठोरता के साथ।
 
अब यदि आपको लगाता है कि आप मंगली है या आपको हैं तो इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी अगले पन्ने पर।
 



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