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आत्मा
क्यों करवाया जाता है घर में गरुड़ पुराण का पाठ?
Thursday,March 13, 2025
आत्मा और पितरों के बारे में क्या कहती है गीता, 10 बातें
इन 8 कारणों से आत्मा लेती है फिर से जन्म
मरने के बाद क्या आपके पितरों को मिल गया है मोक्ष?
क्या मृत्यु के बाद पुनर्जन्म मिलता है, जानिए 10 रहस्य
मरने के बाद कैसी होगी आपकी गति, जानिए कुंडली से 10 संकेत
Sunday, May 2, 2021
पिछले जन्म में आप क्या थे, जानिए 10 संकेत
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Wednesday, March 17, 2021
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Saturday, January 16, 2021
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Sunday, October 11, 2020
श्राद्ध पक्ष : पितृयान से गए पितर वापस क्यों लौट जाते हैं, जानिए देवयान का रहस्य
Wednesday, September 2, 2020
क्या पुनर्जन्म के बाद भी व्यक्ति को श्राद्ध लगता है?
Wednesday, August 26, 2020
What happens after suicidal: आत्महत्या करने के बाद क्या होता है आत्मा के साथ, जानिए रहस्य...
Sunday, June 7, 2020
पितरों के अतृप्त रहने के 5 कारण, जानिए रहस्यमयी ज्ञान
Wednesday, September 25, 2019
दुनिया से जाने के बाद आपके पितरों की कैसी रही होगी गति?
Saturday, September 21, 2019
क्या श्राद्ध कर्म करने से पितरों को मुक्ति या मोक्ष मिल जाता है? 4 रहस्य
Saturday, September 21, 2019
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Tuesday, July 30, 2019
मरने से पहले जान लें हिन्दू धर्म के पुनर्जन्म और कर्मों का सिद्धांत
Friday, July 19, 2019
मरने के बाद आत्मा शरीर के किस स्थान से निकलती है?
Saturday, July 13, 2019
अंतरिक्ष में यहां रहते हैं भगवान, लेकिन क्यों नहीं पहुंच सकता मनुष्य वहां
Thursday, June 13, 2019
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गुप्त नवरात्रि में ये मंत्र जप लिया तो तुरंत ही दूर होंगे संकट और माता का मिलेगा आशीर्वाद
Gupt Navratri Mantra: गुप्त नवरात्रि का समय तंत्र-मंत्र, साधना और सोई हुई आध्यात्मिक शक्तियों को जगाने के लिए सबसे अचूक माना जाता है। सामान्य नवरात्रि के मुकाबले गुप्त नवरात्रि में की गई साधना अधिक तीव्र फल देती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंत्रों का प्रभाव श्रद्धा, नियम और शुद्ध आचरण के साथ किए गए जप पर आधारित माना जाता है।
गुंडिचा मंदिर क्यों है जगन्नाथ रथयात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव? जानिए 5 खास बातें
Gundicha Temple: भगवान जगन्नाथ की विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा का सबसे महत्वपूर्ण और केंद्रीय पड़ाव गुंडिचा मंदिर ही है। प्रत्येक वर्ष आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पुरी में श्री जगन्नाथ प्रभु की रथयात्रा निकाली जाती है। यह रथ मुख्य मंदिर से निकलकर 3 किलोमीटर दूर गुंडिचा मंदिर जाता है और वहीं 9 दिनों तक रहने के बाद देवशयनी एकादशी के दिन लौट आता है। धार्मिक, पौराणिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से यह पड़ाव क्यों इतना खास है, आइए इसकी 5 सबसे महत्वपूर्ण बातें समझते हैं।
भगवान जगन्नाथ की मौसी कौन हैं? जानिए रथयात्रा से जुड़ी यह रोचक परंपरा
16 से 26 जुलाई तक जगन्नाथ रथयात्रा का उत्सव रहेगा। पौराणिक मान्यताओं और जगन्नाथ संस्कृति के अनुसार, भगवान जगन्नाथ की मौसी देवी अर्धसिनी हैं, जिन्हें श्रद्धा से 'मौसी मां' कहा जाता है। भगवान जगन्नाथ की मौसी और उनसे जुड़ी परंपराओं के बारे में कुछ बेहद खास बातें।
गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक की सही व्याख्या क्या है? मौलाना जरजिस अंसारी के दावे की पड़ताल
उत्तर प्रदेश के मौलाना जरजिस अंसारी ने एक विवादित बयान देते हुए भगवान श्रीकृष्ण को मुस्लिम बताता है। उन्होंने दावा किया कि श्रीकृष्ण 5 वक्त की नमाज पढ़ते थे। इस दौरान मौलाना जरजिस अंसारी ने अपनी तकरीर के दौरान श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 6 के श्लोक 10 का 'गलत अर्थ' निकालकर अपनी बात को साबित करने की कोशिश भी की।
पुरी के जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास: कब, कैसे और क्यों हुई शुरुआत?
पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास जितना गौरवशाली है, उतना ही रहस्यों और संघर्षों से भरा है। यह केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता और अटूट आस्था की जीती-जागती कहानी है। हजारों वर्षों से यह रथयात्रा जारी है। आइए इसके प्रारंभ से लेकर इतिहास की मुख्य घटनाओं को संक्षिप्त में जानते हैं।
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28 July Birthday: आपको 28 जुलाई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!
28 July Happy Birthday: जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ आपका स्वागत है वेबदुनिया की विशेष प्रस्तुति में। यह कॉलम नियमित रूप से उन पाठकों के व्यक्तित्व और भविष्य के बारे में जानकारी देगा जिनका उस दिनांक को जन्मदिन होगा। पेश है दिनांक 28 को जन्मे व्यक्तियों के बारे में जानकारी...
Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 28 जुलाई 2026: मंगलवार का पंचांग और शुभ समय
28 July 2026 Today Shubh Muhurat: क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 28 जुलाई, 2026 का विशेष पंचांग...
श्रावण मास में शाक खाना क्यों है वर्जित?
Why leafy vegetables are avoided in Shravan: श्रावण मास/ सावन में हरे पत्तेदार साग या शाक न खाने का नियम केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि इसके पीछे गहरा वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी कारण भी है। इसे धार्मिक ग्रंथों और आधुनिक विज्ञान दोनों दृष्टिकोणों से समझा जा सकता है:
चातुर्मास में संत-महात्मा क्यों नहीं करते यात्रा? 4 महीने एक जगह रहने की जानिए खास वजह
ChaturmasChaturmas 2026: हिन्दू कैलेंडर के अनुसार आषाढ़ शुक्ल देवशयनी एकादशी यानी 25 जुलाई 2026 से चातुर्मास प्रारंभ हो गए हैं। इसके बाद 20 नवंबर 2026 कार्तिक शुक्ल एकादशी को देव उठनी एकादशी रहेगी तब तक चातुर्मास चलेंगे। चातुर्मास में यदि आपने शास्त्रों के नियमों का पालन कर लिया तो मानसिक और शारीरिक सेहत के साथ ही सुख, शांति और समृद्धि मिलेगी।
श्रावण माह में पार्थिव शिवलिंग पूजन का क्या है महत्व?
Parthiv Shivling Puja in Shravan: श्रावण मास में पार्थिव शिवलिंग यानी मिट्टी से बने शिवलिंग की पूजा का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। मान्यता है कि श्रावण के महीने में मिट्टी से स्वयं शिवलिंग बनाकर उनका पूजन और जलाभिषेक करने से भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं और साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
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