किसके पास थी कौन-सी चमत्कारिक मणि, जानिए...

अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'|
वेद, रामायण, महाभारत और पुराणों में कई तरह की चमत्कारिक मणियों का जिक्र मिलता है। पौराणिक कथाओं में सर्प के सिर पर मणि के होने का उल्लेख मिलता है। मणियों की आभा से हर समय प्रकाशित रहता है। माना जाता है कि सभी तरह की मणियों पर सर्पराज वासुकि का अधिकार है।
मणि एक प्रकार का चमकता हुआ पत्थर होता है। मणि को हीरे की श्रेणी में रखा जा सकता है। मणि होती थी यह भी अपने आप में एक रहस्य है। जिसके भी पास मणि होती थी वह कुछ भी कर सकता था। 
 
 
आपने नाम सुना होगा, नीलमणि, चंद्रकांता मणि, घृत मणि, तैल मणि, भीष्मक मणि, उपलक मणि, स्फटिक मणि, पारस मणि, उलूक मणि, लाजावर्त मणि, मासर मणि। लेकिन हम इन सब के बारे में नहीं बता रहे हैं।
 
आओ जानते हैं कि किस देवता या मनुष्‍य के पास थी कौन-सी ऐसी चमत्कारिक मणि जिसके माध्यम से वह प्रसिद्ध या शक्तिशाली हुआ।
 
अगले पन्ने पर पहली चमत्कारिक मणि...
 



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