suvichar
✕

लक्ष्मण ने रावण से क्या सीख ली, जानिए

Updated: सोमवार, 19 अक्टूबर 2015 (17:50 IST)
प्रभु श्रीराम के तीर से जब रावण मरणासन्न अवस्था में हो गया, तब श्रीराम ने लक्ष्मण से उसके पास जाकर शिक्षा लेने को कहा। श्रीराम की यह बात सुनकर लक्ष्मण चकित रह गए।
भगवान श्रीराम ने लक्ष्‍मण से कहा कि इस संसार में नीति, राजनीति और शक्ति का महान पंडित रावण अब विदा हो रहा है, तुम उसके पास जाओ और उससे जीवन की कुछ ऐसी शिक्षा ले लो जो और कोई नहीं दे सकता।
 
अगले पन्ने पर जब लक्ष्मण गए रावण के पास तो...
 

श्रीराम की बात मानकर लक्ष्मण मरणासन्न अवस्था में पड़े रावण के नजदीक सिर के पास जाकर खड़े हो गए, लेकिन रावण ने कुछ नहीं कहा। लक्ष्मण ने लौटकर प्रभु श्रीराम से कहा कि वे तो कुछ बोलते ही नहीं। तब श्रीराम ने कहा यदि किसी से ज्ञान प्राप्त करना है तो उसके चरणों के पास हाथ जोड़कर खड़े होना चाहिए, न कि सिर के पास। 
 
श्रीराम ने लक्ष्मण से कहा, जाओ और रावण के चरणों के पास बैठो। यह बात सुनकर लक्ष्मण इस बार रावण के चरणों में जाकर बैठ गए। 
 
अगले पन्ने पर तब रावण ने दी लक्ष्मण को यह पहली सीख...
 
 

शुभस्य शीघ्रम : लक्ष्मण को अपने चरणों में बैठा देख महापंडित रावण ने लक्ष्मण को तीन बातें बताईं, जो कि जीवन में सफलता की कुंजी है। पहली बात जो लक्ष्मण को रावण ने बताई वह यह थी कि शुभ कार्य जितनी जल्दी हो, कर डालना चाहिए और अशुभ को जितना टाल सकते हो, टाल देना चाहिए अर्थात शुभस्य शीघ्रम।
 
मैं प्रभु श्रीराम को पहचान नहीं सका और उनकी शरण में आने में देर कर दी। इसी कारण मेरी यह हालत हुई। यह में पहले ही पहचान लेता तो मेरी यह गत नहीं होती।
 
अगले पन्ने पर रावण की दूसरी शिक्षा...
 

शत्रु को कभी छोटा मत समझो : रावण ने लक्ष्मण को दूसरी शिक्षा यह दी कि अपने प्रतिद्वंद्वी, अपने शत्रु को कभी भी अपने से छोटा नहीं समझना चाहिए। मैं यह भूल कर गया। मैंने जिन्हें साधारण वानर और भालू समझा, उन्होंने मेरी पूरी सेना को नष्ट कर दिया।
 
अगले पन्ने पर रावण की तीसरी शिक्षा...
 

कोई तुच्छ नहीं होता : महापंडित रावण ने लक्ष्मण को तीसरी सीख यह दी कि मैंने जब ब्रह्माजी से अमरता का वरदान मांगा था तब मनुष्य और वानर के अतिरिक्त कोई भी मेरा वध न कर सके ऐसा वर मांगा था, क्योंकि मैं मनुष्य और वानर को तुच्छ समझता था। यह मेरी गलती हुई।

Show comments

सभी देखें

31 October Birthday: आपको 31 अक्‍टूबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज 31 अक्‍टूबर, 2026 का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का भविष्यफल

दीपावली पर क्‍यों खास हैं महाराष्ट्र के मशहूर अनारसे? जानिए इस मिठाई की दिलचस्प कहानी

दीपावली पर कैसे हुई शकरपारे बनाने की शुरुआत? जानिए इस पारंपरिक मिठाई की खासियत

दीपावली पर गुझिया के बिना क्यों अधूरी है मिठाई की थाली? जानिए इसके पीछे की खास परंपरा

सभी देखें

दिवाली के पहले खरीदारी का पुष्‍य नक्षत्र कब से कब तक रहेगा, करें 4 उपाय- माता लक्ष्मी की मिलेगी कृपा

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 31 अक्‍टूबर 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

दिवाली कब है 2026 में, 08 या 09 नवंबर को?

दीपावली पर मिठाइयों के बीच चिवड़ा क्यों है जरूरी? जानिए इसके पीछे की खास वजह

नरक चतुर्दशी कब है 2026, 07 या 08 नवंबर को?