biodatamaker

प्रेम काव्य : तेरे बिन किस्मत नहीं मिलती...

Updated: सोमवार, 11 जुलाई 2016 (15:56 IST)
- कैलाश प्रसाद यादव 'सनातन'
 

 
तेरे बिन सांसें नहीं चलतीं, तेरे बिन कलियां नहीं खिलतीं।
नयन तो सबके होते लेकिन, तेरे बिन नजरें नहीं मिलतीं।।
 
सांझ-सवेरे तुझसे होते, तुझसे ही हम हंसते-रोते।
सूरज-चंदा नीलगगन ये, शाम-सुबह जाने कहां खोते।।
 
सब कुछ मिलता जग में लेकिन, तेरे बिन किस्मत नहीं मिलती।
 
तेरे बिन सांसें नहीं चलतीं, तेरे बिन कलियां नहीं खिलतीं।
नयन तो सबके होते लेकिन, तेरे बिन नजरें नहीं मिलतीं।।
 
सबके सीने में दिल होता है, सबके दिल में धड़कन है।
जब तक तेरी मर्जी न हो, धड़कन में वो लय नहीं बनती।।
 
तेरे बिन सांसें नहीं चलतीं, तेरे बिन कलियां नहीं खिलतीं।
नयन तो सबके होते लेकिन, तेरे बिन नजरें नहीं मिलतीं।।
 
कर्म जरूरी जग में लेकिन, किस्मत से सब मिलता है।
सबके दिल में इक न इक दिन, पुष्प प्यार का खिलता है।।
 
दिल कस्तूरी, हिना हथेली, तेरे बिन जग में नहीं रचती।
 
तेरे बिन सांसें नहीं चलतीं, तेरे बिन कलियां नहीं खिलतीं।
नयन तो सबके होते लेकिन, तेरे बिन नजरें नहीं मिलतीं।।
 
 
Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

बड़बोले ट्रंप की घटिया बेशर्मी, अंकारा में नहीं था Trump को कोई खतरा

ब्रिक्स से दूरी बांग्लादेश को पड़ेगी भारी, तारिक रहमान के सम्मेलन में शामिल होने पर संशय

15 अगस्त विशेष: शहीदों के सपनों का भारत नारों से नहीं, हमारे चरित्र और कर्म से बनेगा

जब उम्मीद थक जाए, तब साहस काम आता है

असली पनीर और Analog Paneer में क्या है फर्क? खरीदने से पहले ऐसे करें पहचान

अगला लेख