suvichar
✕

प्रेम गीत : प्यार का मर्म...

Updated: गुरुवार, 29 जून 2017 (14:48 IST)
प्यार का मर्म मालूम होता अगर, 
दिल हमारा कभी तुम दुखाते नहीं।
 
नाम जबसे तुम्हारा लिया है प्रिये, 
चम्पई-चम्पई तन हमारा हुआ।
मन के आंगन में जब मुस्कुराए थे तुम, 
दिल उसी वक्त से ही तुम्हारा हुआ।
 
जिसके दिल में कोई जब खुदा हो गया, 
उसपे इल्जाम कोई लगाते नहीं।
प्यार का मर्म मालूम होता अगर, 
दिल हमारा कभी तुम दुखाते नहीं।
 
आंख के जल से जब तन पिघलने लगा, 
थरथराए मगर होठ बोले नहीं, 
आज क्या हो गया है प्रणय गीत को, 
राग अपने हृदय से वो खोले नहीं।
 
ख्वाब आंखों से दिल में उतरने लगा, 
ऐसे मौसम में पलकें झुकाते नहीं।
प्यार का मर्म मालूम होता अगर, 
दिल हमारा कभी तुम दुखाते नहीं।
 
मतलबी हो गया है हरेक शख्स क्यूं, 
कोई यूं ही किसी को बुलाता नहीं, 
दौलतों के शहर में लिए दिल खड़ा, 
दिल हमारा किसी को सुहाता नहीं।
 
प्रेम की राह में जो समर्पित हुआ, 
उसको झूठी तसल्ली दिलाते नहीं।
प्यार का मर्म मालूम होता अगर, 
दिल हमारा कभी तुम दुखाते नहीं।
लेखक के बारे में
राकेश श्रीवास्तव 'नाजुक'
Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

सबके लिए समय है... फिर अपने सपनों के लिए क्यों नहीं?

कब मनाया जाएगा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस? जानें कब हुई इसकी शुरुआत और क्‍या है उद्देश्‍य?

Maharaja Agrasen Jayanti: कौन थे महाराजा अग्रसेन? 5000 साल पहले दी थी ऐसी न्यायनीति, जानकर रह जाएंगे हैरान

World Sight Day: क्‍यों मनाते हैं विश्व दृष्टि दिवस? जानिए इसका महत्‍व और इतिहास

क्यों मनाया जाता है भारतीय वायुसेना दिवस? जानें दुनिया की चौथी सबसे बड़ी ताकत का इतिहास

अगला लेख