suvichar

रोमांटिक कविता : बड़ी भूल कर दी दिल में बसा के...

Written By WD
Updated: शुक्रवार, 19 जून 2015 (16:09 IST)
शम्भू नाथ 
 
बड़ी भूल कर दी।।
दिल में बसा के।।
तुमने तो दिल में।।
खंजर चला दी।।
 
सजाया था ख्वाबों में।।
सुंदर सी बगिया।।


तुमने तो बागों को।।
बंजर बना दी।।
 
मेरे हुस्न की खूब।।
तारीफ करके।।
संग में सिमटकर।।
तुमने दगा दी।।

लगा दाग चूनर में, कैसे मिटाऊं।।
 

 
तुमने तो हमको।।
कलंकित बना दी।।
 
बातों में फंसकर।।
हमने तुम्हारे।।
दिल में क्यों अपने।।
तुमको जगह दी।।
 
कौन बड़ी गलती।।
किया हमने जानम।।
तूने क्यों महंगी।।
हमको सजा दी।।
Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

संस्कृत दिवस 2026: दुनिया की प्राचीन भाषा के 5 रहस्य

Rajni Raman Sharma: सृजन का एक सुनहरा सितारा अस्त हुआ

एल्गोरिथम से अपना पर्सपेक्टिव मत बनाओ: तुम्हारे लिए जो 6 है वह मेरे लिए 9 है...

आंदोलित युवा और संवाद की आवश्यकता

नेतन्याहू के लिए ब्रिटेन एक इस्लामी देश क्यों है?