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मैं भी बेटी को जन्म देना नहीं चाहती

शुक्रवार,जनवरी 23, 2009
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जनहित याचिकाओं के द्वारा आमजन के हित यानी भले के कई काम संभव हो सके। लेकिन ध्यान रखना चाहिए कि स्वार्थी तत्व ऐसे कारआमद हथियार का दुरुपयोग न कर पाएँ। क्योंकि भारतीय अदालतों ने हमेशा कानून के शासन पर जोर दिया है।
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मौसम कहर न ढा जाए कहीं

शुक्रवार,जनवरी 23, 2009
भारतीय कृषि भी मौसम परिवर्तन से प्रभावित हुए बिना नहीं रहेगी। गेहूँ जैसी कुछ फसलों की उत्पादकता में गिरावट देखी ही जा रही है। हमारे कृषक समुदाय का बहुत बड़ा हिस्सा पूरी तरह वर्षा पर ही निर्भर है।
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यह शायद आधी आबादी से जुड़ा कड़वा सच है। कहने को हम आधुनिक तो हुए लेकिन महिलाओं के लिए हमने अब भी हदें तय कर रखी हैं। कहीं कुछ गलती खुद महिलाओं की भी है। हम 100 में से केवल 2 या 4 अपवादों के बूते पर समूचे नारी वर्ग को स्वतंत्र कैसे परिभाषित कर सकते हैं
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शहरों में अतिक्रमण और अवैध निर्माण बड़े पैमाने पर हो रहे हैं। भूमि व निर्माण माफिया उठ खड़े हुए हैं। शहरी अपराध पहले से अधिक परिष्कृत और चालाकीपूर्ण हो गए हैं।
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नागरिक होने का अर्थ

शुक्रवार,जनवरी 23, 2009
भारत के लोगों ने 20 जनवरी, 1949 को भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्ना लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए एक संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मसमर्पित किया।
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भारत में मानव अधिकार

शुक्रवार,जनवरी 23, 2009
मानवाधिकार मनुष्य के वे मूलभूत सार्वभौमिक अधिकार हैं, जिनसे मनुष्य को नस्ल, जाति, राष्ट्रीयता, धर्म, लिंग आदि किसी भी दूसरे कारक के आधार पर वंचित नहीं किया जा सकता।
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देश के छः करोड़ बच्चे काम करते हैं और साढ़े छः करोड़ वयस्क बेरोजगार हैं। इनमें ज्यादातर इन कामकाजी बच्चों के निठल्ले अभिभावक हैं।
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22 बहादुर बच्‍चे...

शुक्रवार,जनवरी 23, 2009
गणतंत्र दिवस पर अन्‍य सभी आयोजनों के साथ वीरता पुरस्‍कार के लिए सम्‍मानित किए जाने वाले बच्‍चे सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र होते हैं। पूरा देश इन बहादूर बच्‍चों की वीर गाथाएँ जानने के लिए लालायित होता है
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मेजर दिनेश रघुरमन, कैप्‍टन हर्षन, नायब सुबेदार चुन्‍नी लाल और कर्नल विश्‍वनाथ वेणूगोपाल को गणतंत्र दिवस के मौके पर अशोक चक्र से सम्‍मानित किया जाएगा।
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भारतीय गणतंत्र के 58 वर्ष पूरे होने वाले हैं। विश्व का सबसे बड़ा गणतंत्र राष्ट्र कहलाने वाले हमारे इस देश की स्वतंत्रता व गणतंत्रता, स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले महानायकों का स्वप्न था, जिसे उन्होंने हमारे लिए यथार्थ में परिवर्तित कर दिया...
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