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पूतना कौन थी ....

Updated: शुक्रवार, 21 अप्रैल 2017 (14:35 IST)
पूतना की कथा हम सब जानते हैं। नन्हे नटखट कान्हा का जीवन लेने के लिए वह अपने स्तनों में जहर लगाकर रूप बदल कर आई थी लेकिन हुआ उल्टा कि वह स्वयं काल कवलित हो गई। पूतना कौन थी ? पूतना कोई साधारण स्त्री नहीं थी। पूर्वकाल में वह राजा बलि की बेटी थी, राजकन्या थी।

भगवान वामन आए तो उनका रूप सौन्दर्य देखकर उस राजकन्या को हुआ कि 'मेरी सगाई हो गई है। काश, मुझे ऐसा ही बेटा हो तो मैं गले लगाऊं और उसको अपना खूब दूध पिलाऊं।' परंतु जब नन्हा मुन्ना वामन विराट हो गया और उसने बलि राजा का सर्वस्व छीन लिया तो वह क्रोधित हो गई "मैं इसको दूध पिलाऊं? नहीं इसको तो मैं जहर पिलाऊं, जहर!'

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कालांतर में वही राजकन्या पूतना हुई। संयोग ऐसा बैठा कि विष्णु अवतार कान्हा को दूध भी पिलाया और जहर भी। उसे भगवान ने अपने स्वधाम भेज दिया। तब पूतना कंस द्वारा भेजी गई राक्षसी थी और श्रीकृष्ण को स्तनपान के जरिए विष देकर मार देना चाहती थी। कृष्ण को विषपान कराने के लिए पूतना ने एक सुंदर स्त्री के रूप में वृंदावन जा पहुंची। जैसे ही पूतना ने बालक कृष्ण को स्तनपान कराया। उसी दौरान श्रीकृष्ण ने उसका वध कर दिया। इस तरह श्री हरि ने दो अवतारों में पूतना की इच्छा पूर्ण की। 

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