sundarkand
✕

हनुमानजी पूरा नारियल निगलकर आधा लौटा देते हैं इस तरह से, अनोखी है मूर्ति

Updated: बुधवार, 5 अप्रैल 2023 (11:17 IST)
हनुमानजी इस युग के सबसे जागृत देव हैं। वे आज भी सशरीर इस धरती पर उपलब्ध है। हनुमानजी के भारत में हजारों मंदिर हैं लेकिन उनमें से सैंकड़ों मंदिर चमत्कारी भी है। हालांकि हम जिस मंदिर की बात कर रहे हैं वह वहां की मूर्ति बड़ी ही अनोखी है। आओ जानते हैं कि क्या है इस मूर्ति की खासियत।
 
कहां है यह मंदिर : गुजरात के बोटाद शहर के पास सारंगपुर में स्थित है यह हनुमान मंदिर। यहां हनुमानजी को मारुति नंदन कहा जाता है।
 
क्या होता है यहां खास : यहां मारुति नंदन को नारियल अर्पित करने के बजाय उनके मुख में नारियल को अर्पित किया जाता है। मूर्ति के मुख में अर्पित किया गया पूरा नारियल हाथ के रास्ते में आधा निकलकर पुन: भक्त को दे दिया जाता है। मूर्ति नारियल का अर्ध भाग हाथ से भक्त को वापस दे देती है, शेष भाग स्वतः ही हनुमान जी को अर्पित हो जाता है।

<

गुजरात के बोटाद शहर के पास सारंगपुर हनुमान मंदिर अनूठा है।यहां मारुतिनंदन को नारियल चढ़ाया जाता है, जिसे उनके मुख में रखा जाता है। प्रभु आधा नारियल भक्त को वापस हाथ से देते है जबकि शेष भाग हनुमानजी को चढ़ाया जाता है।अद्धभुत अविश्वसनीय अकल्पनीय अतुलनिय दिव्य अलौकिक! जय हनुमान! pic.twitter.com/ev7i1hTxk1

— Sumita Shrivastava (@Sumita327) February 28, 2023 >
मूर्ति की खासियत : यहां की मूर्ति के मुख में एक मशीन लगाई गई है, जो नारियल को 2 भागों में विभक्त करके एक भाग को रखकर दूसरे भाग को अपने हाथ से भक्तों को दे देती है। भीतर रह गया भाग प्रशासन भोग रूप में इसका उपयोग करता है। मंदिर प्रशासन के अनुसार मंदिरों में नारियल तोड़ने के कारण अस्वच्छ रहता है, अतः ऐसी मूर्ति का निर्माण करवाया गया, जिससे भगवान को प्रसाद भी अर्पित हो जाए एवं अस्वच्छता भी न हो।

Show comments

31 October Birthday: आपको 31 अक्‍टूबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज 31 अक्‍टूबर, 2026 का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का भविष्यफल

दीपावली पर क्‍यों खास हैं महाराष्ट्र के मशहूर अनारसे? जानिए इस मिठाई की दिलचस्प कहानी

दीपावली पर कैसे हुई शकरपारे बनाने की शुरुआत? जानिए इस पारंपरिक मिठाई की खासियत

दीपावली पर गुझिया के बिना क्यों अधूरी है मिठाई की थाली? जानिए इसके पीछे की खास परंपरा

दिवाली के पहले खरीदारी का पुष्‍य नक्षत्र कब से कब तक रहेगा, करें 4 उपाय- माता लक्ष्मी की मिलेगी कृपा

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 31 अक्‍टूबर 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

दिवाली कब है 2026 में, 08 या 09 नवंबर को?

दीपावली पर मिठाइयों के बीच चिवड़ा क्यों है जरूरी? जानिए इसके पीछे की खास वजह

नरक चतुर्दशी कब है 2026, 07 या 08 नवंबर को?

अगला लेख