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क्षीर भवानी मंदिर कहां है, क्या है महत्व? क्यों है चर्चा में?

Updated: शुक्रवार, 16 मई 2025 (08:07 IST)
Ksheer Bhavani Mandir: इस समय क्षीर भवानी मंदिर काफी चर्चा में है। इस बार आतंकी हमलों के डर से कश्मीरी पंडित यहां जाने से कतरा रहे हैं। मां दुर्गा को समर्पित यह मंदिर कश्मीरी पंडितों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां पर हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष में मेला लगता है। पूर्णिमा पर सभी लोग एकत्रित होते हैं।
 
कहां है क्षीर भवानी मंदिर : क्षीर भवानी मंदिर श्रीनगर से करीब 27 किलोमीटर दूर तुलमुल्ला गांव में स्थित है। इस मंदिर के चारों ओर चिनार के पेड़ हैं और नदियों की धाराएं हैं। इस मंदिर का निर्माण 1912 में महाराजा प्रताप सिंह द्वारा करवाया गया जिसे बाद में महाराजा हरिसिंह द्वारा पूरा किया गया। हालांकि यह स्थान और यहां की मूर्ति रामायण काल की मानी जाती है।
 
क्यों चर्चा में है मंदिर : इस वक्त कश्मीर में जी-20 की बैठक के बाद दहशतजदा माहौल है। आतंकी हमलों के डर से जो कश्मीरी पंडित इस बार तुलमुला स्थित क्षीर भवानी के मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए नहीं जा पा रहे हैं वे जम्मू में बनाए गए माता राघेन्या के मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। हालांकि कुछ कश्मीरी हिन्दू मुख्य मंदिर में जाएंगे। पूरे मंदिर परिसर को सजाया गया है। जहां पर जलाए जाने के लिए सैकड़ों दीपों का बंदोबस्त किया गया है, परंतु इस साल ज्यादा लोगों ने पंजियन नहीं कराया है।
 
क्षीर भवानी मंदिर का क्या है महत्व?
श्रीराम और हनुमान से जुड़ा है यह मंदिर:
रावण की कुल देवी : एक कथा के अनुसार रावण की भक्ति से प्रसन्न होकर माता ने रावण को दर्शन दिए जिसके बाद रावण ने उनकी स्थापना श्रीलंका की कुलदेवी के रूप में की। परंतु कुछ समय बाद रावण के बुरे कर्म के चलते देवी उससे रूष्ठ होकर वहां से चली गईं। इसके बाद श्रीराम ने जब रावण का वध कर दिया तब उन्होंने हनुमानजी को आदेश देकर देवी के लिए उनका पसंदीदा स्थान चुनें और उनकी स्थापना करने को कहा। इस पर देवी ने कश्मीर के उक्त स्थान को चुना।

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

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