Daily Horoscope
✕

पक्षी तीर्थ की अजीब मान्यता, जानकर रह जाएंगे हैरान

Updated: गुरुवार, 26 मार्च 2020 (15:24 IST)
चेन्नई से लगभग 60 किलोमीटर दूर एक तीर्थस्थल है जिसे 'पक्षी तीर्थ' कहा जाता है। यह तीर्थस्थल वेदगिरि पर्वत के ऊपर है। दक्षिण रेलवे के मद्रास एगमोर-रामेश्वरम् रेलमार्ग पर मद्रास से करीब 56 किमी दूरी पर आता है चेंगलपट्ट स्टेशन, यहां से 14 किमी दूरी पर है 'पक्षी तीर्थ'।
 
मान्यता : यहां दिन में 11 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच पक्षियों के दर्शन होते हैं। मान्यता है कि ये हजारों पक्षी कैलाश पर्वत से आते हैं। कई सदियों से दोपहर के वक्त यहां गरूड़ का एक जोड़ा सुदूर आकाश से उतर आता है और फिर मंदिर के पुजारी द्वारा दिए गए खाद्यान्न को ग्रहण करके आकाश में लौट जाता है। लेकिन इसका कोई प्रमाण नहीं है। इन्हें स्थानीय लोग चमरगिद्धा, मलगिद्धा के नाम से पुकारते हैं।
 
सैकड़ों लोग उनका दर्शन करने के लिए वहां पहले से ही उपस्थित रहते हैं। वहां के पुजारी के मुताबिक सतयुग में ब्रह्मा के 8 मानसपुत्र शिव के शाप से गरूड़ बन गए थे। उनमें से 2 सतयुग के अंत में, 2 त्रेता के अंत में, 2 द्वापर के अंत में शाप से मुक्त हो चुके हैं। कहा जाता है कि अब जो 2 बचे हैं, वे कलयुग के अंत में मुक्त होंगे।
 
पक्षी तीर्थ में ही रुद्रकोटि शिव मंदिर स्थित है। मंदिर में ही शंकरतीर्थ नाम का सरोवर है। पक्षीतीर्थ के नजदीक ही एक पहाड़ी वेदगिरि पर एक शिव मंदिर है। लगभग 500 सीढ़ियां चढ़कर इस मंदिर तक पहुंचा जा सकता है।

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

दीपावली पर किन चीजों का दान करना माना जाता है शुभ?

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 07 नवंबर 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

क्या दीपावली की रात मां लक्ष्मी घरों में भ्रमण करती हैं? जानिए पौराणिक कथा

Budh Uday in Tula: बुध ग्रह के उदित होने से किसके बढ़ेंगे खर्च और किसकी होगी बल्ले-बल्ले? जानें 12 राशिफल

दीपावली की रात घर में क्यों नहीं बुझाना चाहिए दीपक? जानिए धार्मिक महत्व

सभी देखें

Guru Ketu Yuti 2026: सिंह राशि में बनी गुरु-केतु की खतरनाक युति, जानें 12 राशियों का सटीक राशिफल और अचूक उपाय

Diwali 2026: दिवाली पूजन में शामिल करें ये 8 शुभ चीजें, मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर भर देंगी तिजोरी

दीपावली पर लक्ष्मी पूजन के समय क्यों रखा जाता है कौड़ी और कमल गट्टा?

Narak Chaturdashi 2026: नरक चतुर्दशी पर अभ्यंग स्नान का सबसे शुभ मुहूर्त कब है? जानें सही विधि और नियम

Govardhan Puja 2026: गोवर्धन पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त कब है? जानें सही पूजन विधि, सामग्री और पौराणिक कथा

अगला लेख