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तीर्थयात्रियों के आकर्षण का केंद्र है वेंकटेश्वर स्वामी का यह मंदिर

शनिवार,अगस्त 10, 2019
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विश्व में शिव की सबसे ऊंची मूर्ति नेपाल के चित्तपोल सांगा जिला भक्तापुर में स्थित है। खड़ी मुद्रा में इस मूर्ति का निर्माण कार्य 2004 में शुरू हुआ था
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यूं तो देश भर में लाखों शिव मंदिर और शिव धाम हैं लेकिन 12 ज्योतिर्लिंग का सबसे खास महत्व है। आइए जानते हैं विस्तार से...
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भक्तों की आस्था केंद्र पुरी का जगन्नाथ मंदिर विश्वभर में प्रसिद्ध है। यह हिन्दुस्तान ही नहीं, बल्कि विदेशी श्रद्धालुओं के भी आकर्षण का केंद्र है।
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हिन्दुओं के सबसे बड़े तीर्थ स्थल अमरनाथ के बारे में बहुत कम ही लोग कुछ खास बातें जानते होंगे। यहां अमरनाथ से जुड़ी प्राचीन, पौराणिक और रहस्यमयी जानकारी जरूर जानिए।
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अमरनाथ यात्रा पर जाने के लिए 2 रास्ते हैं- एक पहलगाम होकर जाता है और दूसरा सोनमर्ग बालटाल से जाता है। यानी देशभर के किसी भी क्षेत्र से पहले पहलगाम या बालटाल पहुंचना होता है। इसके बाद की यात्रा पैदल की जाती है। आओ जानते हैं अमरनाथ के 10 रहस्य।
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प्राचीन नगरी काशी मंदिरों का नगर है। यहां की गलियों में असंख्य मंदिर स्थापित हैं। यहां एक निराला भारत माता का मंदिर शहर के इंगलिशिया लाइन और सिगरा चौराहे के बीच स्थित है।
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पूर्वोत्तर बिहार में पूर्णिया प्रमंडल मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर धरहरा गांव स्थित सिकुलीगढ़ का भी अपना धार्मिक और पुरातात्विक महत्व है। इसे भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए भगवान विष्णु के नृसिंह अवतार और राजा हिरण्यकश्यप का वध स्थल माना जाता है।
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ख्वाजा साहब या फिर गरीब नवाज के नाम से लोगों के दिलों में बसने वाले महान सूफी संत मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह का बुलंद दरवाजा इस बात का गवाह है कि मुहम्मद-बिन-तुगलक,
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प्रतिवर्ष ही रामभक्त हनुमान की जयंती देशभर में उल्लास के साथ मनाई जाती है। चैत्र शुक्ल पूर्णिमा को यह पर्व बड़े ही उत्साह व धूमधाम के साथ मनाया जाता है।
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राजस्थान में 'श्री महावीर जी' नाम से भगवान महावीर का भव्य विशाल मंदिर है। यह दिगंबर जैन धर्मावलंबियों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। गंभीर नदी के तट पर स्थित इस मंदिर में 24वें तीर्थंकर श्री वर्धमान महावीर जी की मूर्ति विराजित है।
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मध्‍यप्रदेश की हृदयस्‍थली पुण्‍य सलिला मां नर्मदा के तट होशंगाबाद से सीहोर जिला सटा है। सीहोर जिले की बुदनी तहसील से 25 किलोमीटर और होशंगाबाद से 35 किलोमीटर दूरी पर विंध्‍याचल की हसीन वादियों
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पाकिस्तान के कब्जे वाले बलूचिस्तान क्षेत्र में स्थित मां हिंगलाज मंदिर में हिंगलाज शक्तिपीठ की प्रतिरूप देवी की प्राचीन दर्शनीय प्रतिमा विराजमान हैं।
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डूंगरी में शीतला माता के स्थापित होने की कथा के अनुसार एक बार शीतला माता ने सोचा कि चलो देखूं कि पृथ्वी पर उनकी पूजा कौन करता है, कौन उन्हें मानता है?
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पाकिस्तान ने कब्जे वाले कश्मीर में स्थित प्राचीन हिन्दू मंदिर एवं सांस्कृतिक स्थल शारदा पीठ की यात्रा के लिए एक गलियारे बनाने को मंजूरी दे दी है।
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भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में शामिल उत्तरप्रदेश की प्राचीन धार्मिक नगरी वाराणसी में हजारों साल पूर्व स्थापित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर विश्वप्रसिद्ध है। हिन्दू धर्म में सर्वाधिक महत्व के इस मंदिर के बारे में कई मान्यताएं हैं। माना जाता है कि ...
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गुजरात प्रांत के काठियावाड़ क्षेत्र में समुद्र के किनारे सोमनाथ नामक विश्वप्रसिद्ध मंदिर में यह ज्योतिर्लिंग स्थापित है। पहले यह क्षेत्र प्रभासक्षेत्र के नाम से जाना जाता था। यहीं भगवान्‌ श्रीकृष्ण ने जरा नामक व्याध के बाण को निमित्त बनाकर अपनी लीला ...
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मुरादाबाद-आगरा राजमार्ग पर सदत्बदी गांव में स्थित अतिप्राचीन पातालेश्वर मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां शिवलिंग पर झाडू चढ़ाने से जटिल से जटिल त्वचा रोग का समाधान हो जाता है। यूं तो यहां सालभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है, मगर पवित्र श्रावण ...
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दुनिया भर में नासिक को कुंभ के मेले की पहचाना जाता है। लेकिन यहां पर एक शिव मंदिर ऐसा है। जिसमें शिव के प्रिय वाहन नंदी उनके साथ नहीं हैं। इस मंदिर को लोग कपालेश्वर महादेव मंदिर के रूप में जानते हैं।
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गहन अंधेरी कंदरा में प्रवेश करते ही सामने एक विशाल शिवलिंग शक्तिपुंज-सा दृष्टिगोचर होता है। नीचे जलराशि में झिलमिलाते दीप एवं खिले कमल मन मंदिर को उल्लास से भर देते हैं। पुष्पों की सुवास से सुरभित पवन, तांबे के स्वर्ण जड़ित पात्र से लिंग पर टप-टप ...
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नेपाल में पशुपतिनाथ का मंदिर काठमांडू के पास देवपाटन गांव में बागमती नदी के किनारे स्थित है। मंदिर में भगवान शिव की एक पांच मुंह वाली मूर्ति है। पशुपतिनाथ विग्रह में चारों दिशाओं में एक मुख और एकमुख ऊपर की ओर है।
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विदेशों में भी शिव के कुछ ऐसे धाम हैं जहां शिव पूजन का उत्साह चरम पर रहता है। आइए जानते हैं भारत से बाहर कहां है शिव के खूबसूरत मंदिर...।
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भगवान शिव के सभी मंदिरों में उनके शिवलिंग की पूजा होती है लेकिन यहां भगवान शिव के अंगूठे की पूजा होती है। भगवान शिव के अंगूठे के निशान मंदिर में आज भी देखे जा सकते हैं।
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मार्कण्डेय पुराण जैसे धर्म ग्रंथों में माता शाकंभरी का उल्लेख मिलता है। इसके अनुसार, 100 साल तक निर्जन स्थान पर जहां बारिश भी नहीं होती थी माता ने तपस्या की थी....
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दादाजी यानी स्वामी केशवानंदजी महाराज एक बहुत बड़े संत थे और लगातार घूमते रहते थे। प्रतिदिन दादाजी पवित्र अग्नि (धूनी) के समक्ष ध्यानमग्न होकर बैठे रहते थे, इसलिए लोग उन्हें दादाजी धूनीवाले के नाम से स्मरण करने लगे।
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29 नवंबर को भैरवाष्टमी है। इस बार भैरवाष्टमी गुरुवार के दिन आ रही है। अगहन माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी भैरव जयंती के नाम से जानी जाती है। इस दिन मध्यरात्रि में भैरव जी के जन्म की मान्यता है।
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ग्वालियर के 400 साल पुराने इस मंदिर के पट वर्ष में एक बार कार्तिकेय पूर्णिमा पर खुलते हैं और सुबह अभिषेक के साथ दिन भर भजन-कीर्तन होता है,
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भारत के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है विश्‍व प्रसिद्ध सबरीमाला का मंदिर। यहां हर दिन लाखों लोग दर्शन करने के लिए आते हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगा प्रतिबंध हटा दिया है। करीब 800 साल पुराने इस मंदिर में ...
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नवरात्रि 9 दिनों के बाद दसवें दिन विजयादशमी का पर्व मनाया जाता है जिसे दशहरा कहते हैं। कहा जाता है कि इस दिन श्रीराम ने रावण का वध किया था। यह पर्व प्रेम, भाई-चारे और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है। वैसे तो भारत में हर गांव, हर शहर में अनेक ...
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माता की प्रतिमा को जरा सी भी गर्मी सहन नहीं होती और मूर्ति को पसीने आने लगते हैं। समय के साथ ही मंदिर में एसी लगवाए गए ताकि माता को गर्मी न लगे। इस वजह से मंदिर में हमेशा एसी चलता रहता है।
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महाभारत कालीन सभ्यता से जुडे उत्तर प्रदेश के इटावा में यमुना नदी के तट पर मां काली के मंदिर में मान्यता है कि महाभारत का अमर पात्र अश्वत्थामा आज भी रोज सबसे पहले पूजा करते है।
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गोगाजी का जन्म राजस्थान के ददरेवा चौहान वंश के राजपूत शासक जेवरसिंह की पत्नी बाछल के गर्भ से गुरु गोरखनाथ के वरदान से भादो सुदी नवमी को हुआ था।
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श्रावण मास से ही त्योहारों की श्रृंखला आरंभ हो जाती है। भारत के मंदिरों में शिव के जयकारे लगने आरंभ हो जाते हैं वहीं विदेशों में भी शिव के कुछ ऐसे धाम हैं जहां शिव पूजन का उत्साह चरम पर रहता है। आइए जानते हैं भारत से बाहर कहां है शिव के खूबसूरत ...
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