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भटक रही है मुमताज!

मुमताज की भटकती आत्मा

Written By WD
Updated: गुरुवार, 11 अक्टूबर 2012 (14:18 IST)
यूँ तो विश्व प्रसिद्ध आगरा का ताजमहल बादशाह शाहजहाँ के अपनी बेगम मुमताज महल के प्रति बेपनाह मोहब्बत की कहानी को बयाँ करता है परंतु शायद बहुत कम लोग यह जानते होंगे की ताजमहल बनने तक मुमताज के मृत शरीर क ो बुरहानपुर के बुलारा महल में दफनाया गया था और लोगों की मानें तो इ न खंडहरों में आज भी मुमताज की आत्मा भटकती है।

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कहते हैं कि आज से 400 वर्ष पूर्व जब मुगलिया सल्तनत की बेगम मुमताज की मौत बुलारा महल में हुई थी, तब शाहजहाँ बुरहानपुर में ही ताजमहल का निर्माण कराने वाले थे। परंतु किसी कारणवश यह संभव न हो सका और जब आगरा में ताजमहल बनकर तैयार हुआ तो वहाँ मुमताज की देह को ले जाकर दफनाया गया। यहाँ के रहवासियों का मानना है कि मुमताज की देह तो यहाँ से निकाल ली गई पर आत्मा आज भी इसी महल में भटकती रहती है।

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यहाँ के रहवासियों का कहना है कि महल से चीखने-चिल्लाने की आवाजें आना तो आम बात है, परंतु आज तक यहाँ आने वाले किसी भी शख्स को मुमताज की आत्मा ने परेशान नहीं किया और न ही नुकसान पहुँचाया है।

बालचंद प्रजापति का कहना है कि यहाँ मौजूद तथ्यों के आधार पर सन 1631 में यहाँ अपनी बेटी को जन्म देने के कुछ दिनों बाद ही मुमताज चल बसी थी। कहते हैं कि यही वजह है कि उनकी आत्मा इस महल में ही बस गई।

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बुरहानपुर के इन खंडहरों में क्या वाकई मुमताज की आत्मा भटकती है या यह केवल असामाजिक तत्वों द्वारा लोगों को इस स्थान से दूर रखने की कोई चाल है, जिससे कि वे अपने गैर कानूनी कार्यों को चुपचाप अंजाम दे सकें। आप इस बारे में क्या सोचते हैं। यदि आप भी ऐसे किसी स्थान के बारे में जानते हैं तो हमें जरूर बताएँ।

- श्रुति अग्रवाल

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