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महिला ने प्रेमानंद महाराज से पूछा, तीर्थयात्रा में पीरिअड्स आने पर दर्शन करें या नहीं, जानिए महाराज का जवाब

Written By WD Feature Desk
Updated: सोमवार, 28 अप्रैल 2025 (17:32 IST)
What should a woman do if she gets her period during a pilgrimage?: भारत की आध्यात्मिक भूमि में, तीर्थयात्रा का गहरा महत्व है। भक्त दूर-दूर से पवित्र स्थलों के दर्शन करने और दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आते हैं। इन तीर्थयात्राओं के दौरान, महिलाओं को अक्सर एक नाजुक स्थिति का सामना करना पड़ता है - मासिक धर्म। यह एक स्वाभाविक जैविक प्रक्रिया है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के कारण, अक्सर महिलाओं के मन में यह सवाल उठता है कि इस दौरान तीर्थ स्थलों के दर्शन करने चाहिए या नहीं। आइये जानते हैं इस विषय पर प्रेमानंद महाराज ने क्या सुझाव दिया।  

महिला ने मासिक धर्म को लेकर प्रेमानंद महाराज से क्या पूछा:
हाल ही में, वृन्दावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के साथ एक सत्संग के दौरान, एक महिला ने इसी दुविधा को लेकर प्रश्न पूछा। उनका प्रश्न न केवल उनकी व्यक्तिगत जिज्ञासा को दर्शाता था, बल्कि कई अन्य महिलाओं की भावनाओं को भी व्यक्त कर रहा था जो ऐसी परिस्थितियों का सामना करती हैं। महिला ने महाराज जी से पूछा कि यदि उनकी तीर्थयात्रा के दौरान उन्हें मासिक धर्म आ जाए, तो क्या उन्हें मंदिरों में प्रवेश करना चाहिए और दर्शन करने चाहिए या नहीं।

क्या उत्तर दिया प्रेमानंद महाराज ने
प्रेमानंद महाराज ने कहा कि मासिक धर्म एक स्वाभाविक शारीरिक प्रक्रिया है और इसे किसी भी प्रकार से अपवित्र नहीं मानना चाहिए। यह ईश्वर की बनाई हुई व्यवस्था है और इसमें किसी भी प्रकार का दोष नहीं है।

महाराज जी ने आगे कहा कि भक्ति और श्रद्धा का भाव सबसे महत्वपूर्ण है। यदि किसी महिला के मन में सच्ची श्रद्धा और प्रेम है, तो उसकी शारीरिक अवस्था उसके आध्यात्मिक अनुभव में बाधा नहीं बननी चाहिए। प्रेमानंद महाराज के अनुसार तीर्थयात्रा यात्रा में पहुंचना आसान नहीं होता, इसमें समय, श्रम और धन लगता है उन्होंने जोर देकर कहा कि ईश्वर हर जगह व्याप्त हैं और वे अपने भक्तों के हृदय के भाव को देखते हैं, न कि उनकी शारीरिक स्थिति को।

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कैसे करें भगवान से संबंध स्थापित
प्रेमानंद महाराज के अनुसार इस तरह, यदि किसी महिला को तीर्थयात्रा के दौरान मासिक धर्म आ जाए, तो उसे निराश या परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। वह अपनी श्रद्धा और भक्ति के अनुसार अपनी तीर्थयात्रा को जारी रख सकती है। सबसे महत्वपूर्ण है मन का भाव और ईश्वर के प्रति अटूट प्रेम। इस तरह से महिला सच्चे मन से प्रभु का स्मरण कर सकती है।

संत प्रेमानंद महाराज पर उनके भक्त विशेष श्रद्धा रखते हैं। भक्त अपने प्रश्न और जिज्ञासा लेकर उनके पास पहुंचते हैं जहां वे एकांकी वार्तालाप में इन उनके प्रश्नों का उत्तर देते हैं। उनके भक्तों में कई बड़े सेलेब्रिटीज हैं  जिनमें सिनेमा, खेल और राजनीतिक जगत की मशहूर हस्तियां और बड़े उद्योगपति शामिल हैं। 

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