पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के 8 प्रेरक विचार

Shriram Sharma aachary
पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य का जन्म तिथि के अनुसार आश्विन मास में उत्तरप्रदेश के आगरा जनपद के आंवलखेड़ा गांव में हुआ था। वर्तमान युग में हर व्यक्ति धर्म-कर्म की राह से भटक रहा है।

ऐसे व्यक्तियों को सही रास्ता दिखलाने के लिए प्रस्तुत है शांतिकुंज गायत्री परिवार के संस्थापक आचार्य पं. श्रीराम शर्मा के 8 प्रेरक विचार-



* जिस भी व्यक्ति ने अपने जीवन में स्नेह और सौजन्य का समुचित समावेश कर लिया है, वह सचमुच ही सबसे बड़ा कलाकार है।

* जीवन को प्रसन्न रखने के दो ही उपाय है- एक अपनी आवश्यकताएं कम करें और दूसरा विपरित परिस्थितियों में भी तालमेल बिठाकर कार्य करें।
* संयम, सेवा और सहिष्णुता की साधना ही गृहस्थ का तपोवन है।

* अपने आचरण से प्रस्तुत किया उपदेश ही सार्थक और प्रभावी होता है, अपने वाणी से किया गया नहीं।

* दूसरों के साथ वह व्यवहार न करो, जो तुम्हें अपने लिए पसंद नहीं है।

* जिन्हें लंबी जिंदगी जीनी हो, वे बिना तगड़ी (ज्यादा, कड़ी) भूख लगे कुछ भी न खाने की आदत डालें।

* किसी भी व्यक्ति के द्वारा किए गए पाप उसके साथ रोग, शोक, पतन और संकट साथ लेकर ही आते है।

* हर व्यक्ति को अपना मूल्य समझना चाहिए और अपने आप पर यह विश्वास करना चाहिए कि वे संसार के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति है।



और भी पढ़ें :