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क्या है गोवर्धन पूजा विधान और शास्त्रोक्त नियम

Updated: शनिवार, 14 नवंबर 2020 (19:12 IST)
गोवर्धन पूजा कार्तिक माह में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को मनाई जाती है। गोवर्धन पूजा कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा के दिन मनानी चाहिए लेकिन यह सुनिश्चित हो कि इस दिन संध्या के समय चंद्र दर्शन नहीं हो। परंतु यदि शाम को सूर्यास्त के समय कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा के दिन चंद्र दर्शन होने वाला है तो गोवर्धन पूजा पहले दिन करनी चाहिए।
 
यदि सूर्य उदय के समय प्रतिपदा तिथि लगती है और चंद्र दर्शन नहीं हो, तो उसी दिन गोवर्धन पूजा मनानी चाहिए। अगर ऐसा नहीं हो तो गोवर्धन पूजा पहले दिन मान्य होगी।
 
जब सूर्योदय के बाद प्रतिपदा तिथि कम से कम 9 मुहूर्त तक विद्यमान हो, भले ही उस दिन चंद्र दर्शन शाम को हो जाए लेकिन स्थूल चंद्र दर्शन का अभाव माना जाए। ऐसी स्थिति में गोवर्धन पूजा उसी दिन मनाने का विधान है।

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