sundarkand

गजलक्ष्मी व्रत 2021 : कौन हैं माता गजलक्ष्मी, जानिए

Updated: बुधवार, 29 सितम्बर 2021 (07:07 IST)
हिंदी पंचांग के अनुसार, इस बार गजलक्ष्मी व्रत 29 सितंबर 2021 दिन बुधवार को रखा जाएगा। अश्विन मास कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि आरंभ- 28 सितंबर 2021 दिन मंगलवार को शाम 06 बजकर 16 मिनट से प्रारंभ होकर 29 सिंतबर 2021 दिन बुधवार रात 08 बजकर 29 मिनट पर समाप्त होगी। स्थानीय पंचांग भेद से तिथि में घट-बढ़ हो सकती है। इस मान से गजलक्ष्मी व्रत 29 सितंबर को ही रखा जाएगा। आओ जानते हैं कि कौन है माता गजलक्ष्मी।
ALSO READ: क्या अष्टमी का श्राद्ध 28 September को और गजलक्ष्मी व्रत 29 September को मनेगा?
 
देवियों की पहचान : देवी के विभिन्न रूप को उनके वाहन, पहनावे, हाथ और शस्त्रों के अनुसार पहचाना जाता है। देवी का वाहन उलूक, गरुड़ और गज यानी हाथी है। बहुत सी जगह वह कमल पर विराजमान है। हर देवी का अलग ही रूप है...जानते हैं कि गजलक्ष्मी कौन है।
ALSO READ: गजलक्ष्मी व्रत 2021 : कैसे करें पूजन, जानिए शुभ मुहूर्त,पूजा विधि,उपाय और कथा
गजलक्ष्मी : पुराणों में एक लक्ष्मी वह है जो समुद्र मंथन से जन्मीं थीं और दूसरी वह है जो भृगु की पुत्रीं थी। भृगु की पुत्री को श्रीदेवी भी कहते थे। उनका विवाह भगवान विष्णु से हुआ था। अष्टलक्ष्मी माता लक्ष्मी के 8 विशेष रूपों को कहा गया है। माता लक्ष्मी के 8 रूप ये हैं- आदिलक्ष्मी, धनलक्ष्मी, धान्यलक्ष्मी, गजलक्ष्मी, संतानलक्ष्मी, वीरलक्ष्मी, विजयलक्ष्मी, विद्यालक्ष्मी।
ALSO READ: गजलक्ष्मी व्रत : ऐरावत हाथी की यह पौराणिक कथा सुनकर पूरा होता है उपवास
गजलक्ष्मी : पशु धन दात्री की देवी को गजलक्ष्मी कहा जाता है। पशुओं में हाथी को राजसी माना जाता है। गजलक्ष्मी ने भगवान इंद्र को सागर की गहराई से अपने खोए धन को हासिल करने में मदद की थी। गजलक्ष्मी का वाहन सफेद हाथी है।
ALSO READ: महालक्ष्मी व्रत पूजन: दिवाली से भी ज्यादा महत्व है गजलक्ष्मी व्रत का, इस दिन खरीदा सोना बढ़ता है 8 गुना
समुद्र मंथन की महालक्ष्मी : समुद्र मंथन की लक्ष्मी को धन की देवी माना जाता है। उनके हाथ में स्वर्ण से भरा कलश है। इस कलश द्वारा लक्ष्मीजी धन की वर्षा करती रहती हैं। उनके वाहन को सफेद हाथी माना गया है। दरअसल, महालक्ष्मीजी के 4 हाथ बताए गए हैं। वे 1 लक्ष्य और 4 प्रकृतियों (दूरदर्शिता, दृढ़ संकल्प, श्रमशीलता एवं व्यवस्था शक्ति) के प्रतीक हैं और मां महालक्ष्मीजी सभी हाथों से अपने भक्तों पर आशीर्वाद की वर्षा करती हैं।

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 05 अगस्‍त 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

बुध का कर्क राशि में गोचर: इन 6 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा धन लाभ और सफलता

सावन के सोमवार में ज़रूर चढ़ाएं 'शिवा मुट्ठी': जानिए वो 1 चीज़ जो दूर करेगी पैसों की तंगी

श्रावण मास विशेष: आखिर क्यों सबसे अनोखा है भगवान शिव का परिवार? जानिए 10 खास बातें

नाग पंचमी 2026: कब है, क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त? जानें सही पूजन विधि

अगला लेख