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भाई दूज पर्व पर चित्रगुप्त पूजा करने के 4 फायदे

Updated: रविवार, 15 नवंबर 2020 (20:34 IST)
भाई दूज पर्व भाईयों के प्रति बहनों की श्रद्धा और विश्वास का पर्व है। कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया को भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। यह दीपावली के पांच दिनी महोत्सव का अंतिम दिन होता है। भाई दूज को असल में यम द्वितीया कहते हैं। इस दिन यमराज और भगवान चित्रगुप्त की पूजा होती है।
 
 
कौन है चित्रगुप्त?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कायस्थ जाति को उत्पन्न करने वाले भगवान चित्रगुप्त का जन्म यम द्वितीया के दिन हुआ था। उन्हें ब्रह्मा का पुत्र माना जाता है। यमराज के मुंशी हैं जिनके माध्यम से यमराज सभी प्राणियों के कर्मों और पाप-पुण्य का लेखा-जोखा रखते हैं। चित्रगुप्त की बही 'अग्रसन्धानी' में प्रत्येक जीव के पाप-पुण्य का हिसाब लिखा हुआ है।
 
चित्रगुप्त की पूजा के 4 फायदे:-
 
1.पुराणों के अनुसार चित्रगुप्त पूजा करने से विष्णुलोक की प्राप्ति होती है।
 
2.चित्रगुप्त की पूजा करने से साहस, शौर्य, बल और ज्ञान की प्राप्ति होती है।
 
3.भैया दूज के दिन भगवान चित्रगुप्त की पूजा के साथ-साथ लेखनी, दवात तथा पुस्तकों की भी पूजा की जाती है। इससे विद्या की प्राप्ति होती है।
 
4.वणिक वर्ग के लिए यह नवीन वर्ष का प्रारंभिक दिन कहलाता है। इस दिन नवीन बहियों पर 'श्री' लिखकर कार्य प्रारंभ किया जाता है। जिससे कार्य में बरकत बनी रहती है। व्यापार में उन्नती बरकरार रहती है। कहते हैं कि इसी दिन से चित्रगुप्त लिखते हैं लोगों के जीवन का बहीखाता।

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