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Last Modified: गुरुवार, 27 जुलाई 2023 (16:41 IST)

Chanakya Niti : इन 9 स्थानों पर मूर्ख व्यक्ति ही रुक सकता है, जल्द ही छोड़ दें

Chanakya Niti : इन 9 स्थानों पर मूर्ख व्यक्ति ही रुक सकता है, जल्द ही छोड़ दें - Chanakya niti quotes in hindi
Chanakya Niti: चाणक्य कहते हैं कि यदि जीवन में तरक्की करना हो, परेशानियों से बचना हो और सुखपूर्वक जीवन यापन करना हो तो उसे कुछ जगहों पर नहीं रहना चाहिए। कौटिल्य कहते हैं कि जहां पर नदी-तालाब न हो, डॉक्टर न हो, अस्पताल और स्कूल न हो, विद्वान लोग न रहते हों, धनवान लोग न हो और राजा या प्रशासक न हो वहां पर रहना व्यर्थ है लेकिन यदि आप कहीं गए हो तो निम्नलिखित परिस्थिति हो तो भी वहां रुकना व्यर्थ है।
 
यस्मिन देशे न सम्मानो न वृत्तिर्न च बांधव:।
न च विद्यागमोऽप्यस्ति वासस्तत्र न कारयेत्।- चाणक्य नीति
 
1. मान-सम्मान : आप जिस जगह पर रहते हैं वहां यदि आपको मान सम्मान न मिले बल्कि अनादर हो तो ऐसी जगह पर रहने का कोई मतलब नहीं। तरक्की की पहली शर्त ही है उचित सम्मान। छवि खराब है या छवि खराब करने वाले लोगों के बीच रह रहे हैं तो आप सफल नहीं हो सकते।
 
2. बंधु बांधव : यदि आपके घर के आसपास आपका कोई बंधु-बांधव अर्थात भाई, रिश्तेदार, मित्र या समाजजन नहीं रहते हैं तो उस स्थान को तुरंत छोड़ देना चाहिए। क्योंकि जरूत पड़ने पर कोई आपके साथ खड़ा नहीं होगा और उन्हीं से जीवन में खुशियां भी रहती है भले भी उनसे झगड़े होते रहें।
 
3. रोजगार : यदि आपके गांव, कस्बे या शहर में आजीविका चलाने के लिए रोजगार नहीं है या धन कमाने का कोई माध्यम नहीं है तो वहां रहने का क्या मतलब? क्योंकि जीवन तो धन से ही चलता है। 
 
4. शिक्षा : यदि आप जहां रहते हैं वहां पाठशाला न हो या पढ़ाई-लिखाई शिक्षा को महत्व नहीं दिया जाता हो तो वहां रहना व्यर्थ है। शिक्षा के बगैर बच्चों का जीवन और भविष्य अंधकार में चला जाएगा।
 
5. गुण : जिस जगह पर स्कूली शिक्षा के अलावा सीखने लायक कुछ न हो, कोई संस्थान न हो तो उस स्थान को भी छोड़ देना चाहिए क्योंकि मानसिक और शारीरिक विकास के साथ व्यक्तित्व और गुणों का विकास भी जरूरी है। यह सभी कलाओं को सीखने से प्राप्त होता है।
chanakya niti
उपसर्गेऽन्यचक्रे च दुर्भिक्षे च भयावहे।
असाधुजनसंपर्के य: पलायति स जीवति।- चाणक्य नीति 
 
1. भीड़ की हिंसा : चाणक्य के अनुसार यदि आपके आस-पास भगदड़ बच जाए या किसी कारणवश हिंसा भड़क जाए तो तुरंत वहां से निकल लें। वर्ना आपको चोट लग सकती है या आपकी जान जा सकती है।
 
2. किसी का अचानक हो आक्रमण : चाणक्य के अनुसार यदि आपके राज्य पर कोई दूसरा राजा आक्रमण कर दें और आप सैनिक नहीं हैं तो आप तुरंत किसी सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। अन्यथा आपकी जान के साथ ही परिवार भी खतरे में पड़ सकता है। दूसरा यह कि आप पर अचानक हमला हो जाए और आप लड़ाई के लिए तैयार नहीं हैं तो वहां से भाग लेने में ही भलाई है। बहादुरी दिखाने के प्रयास में आपकी जान जा सकती है।
 
3. अकाल : जहां आप रहे रहे हैं वहां अकाल पड़ जाए, मुखमरी फैल जाए या कोई महामारी फैल जाए तो वहां तुरंत निकलकर कहीं ऐसी जगह चले जाने चाहिए जहां पर आपके खाने पीने की व्यवस्था हो।
 
4. अपराधी : यदि आपके आसपास चरित्रहीन लोग या अपराधी किस्म के लोग हैं तो आपको उस जगह को छोड़ देना चाहिए अन्यथा आप खतरे में पड़ सकते हैं। आपके परिवार और संतान पर इन चरित्रहीन और अपराधी लोगों का असर पड़ सकता है।