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बाबा अमरनाथ की यात्रा का बना रहे हैं प्लान तो ध्यान रखें ये 6 हिदायतें

Updated: गुरुवार, 27 मई 2021 (13:25 IST)
अमरनाथ की गुफा श्रीनगर से करीब 145 किलोमीटर की दूरी हिमालय पर्वत श्रेणियों में स्थित है। समुद्र तल से 3,978 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह गुफा 150 फीट ऊंची और करीब 90 फीट लंबी है। अमरनाथ यात्रा की शुरुआत संभवत: जुलाई में शुरु होगी जो 22 अगस्त तक चल सकती है। लेकिन इस समय पर फेरबदल भी हो सकता है। यहां की यात्रा जुलाई माह में प्रारंभ होती है और यदि मौसम अच्छा हो तो अगस्त के पहले सप्ताह तक चलती है। आओ जानते हैं यात्रा संबंधी 6 हितायतें।
 
1. श्री अमरनाथ यात्रा 2021 का पंजीकरण करवाने के लिए भारत भर में बैंकों की नामित शाखाओं के माध्यम से पंजिकरण करवाकर ही यात्रा पर जाएं। पंजीकरण और यात्रा परमिट सबसे पहले आने वाले को सबसे पहले के आधार पर किया जाता है। 13 वर्ष उम्र से कम या 75 वर्ष से ऊपर और गर्भवती महिलाओं का पंजिकरण नहीं होता है। हर यात्री को आवेदन पत्र और अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र यात्रा परमिट प्राप्त करने के लिए प्रस्तुत करना होता है। पंजीकरण के साथ ही यात्रियों को बीमा कवर मिलता है। इसके अलावा यात्रा के जोखिम को देखते हुए श्रद्धालु यात्रा पर निकलने से पहले अलग से बीमा करवा सकते हैं। 
 
 
2. यात्रा पर जाने से पहले ठंड से बचने के लिए उचित कपड़े रख लें। कई बार ऐसा होता है कि जिन्हें ठंड बर्दाश्त नहीं होती है उनके लिए समस्या खड़ी हो जाती है। यात्रा में ज्यदा सामान नहीं ले जाएं बस जरूरत का सामान ही ले जाएं। जरूरी सामान में कंबल, छाता, रेल कोट, वाटरप्रूफ बूट, छड़ी, टार्च, स्लीपिंग बैग आदि रख लें। खाने के सामान में सूखे मेवे, टोस्ट, बिस्किट और पानी की बोतल जरूर रख लें। अपने सामान से लदे घोड़ों/खच्चरों और कुलियों के साथ ही रहें।  पंजीकृत लेबर, खच्चर और पालकी वालों की सेवाएं ही लें।
 
3. अमरनाथ की यात्रा के मार्ग में कई लोगों का ऑक्सिजन की कमी महसूस होती है ऐसे में सावधानी बरतें। जिन लोगों में आयरन और कैल्शियम की होती हैं उनके शरीर में ऑक्सिजन लेवल भी जल्द ही घट जाता है। कई लोग इसके लिए कर्पूर का उपयोग भी करता है। कर्पूर को नाक के पास लगाकर सूंघा जाता है।
 
4. परिवार के साथ यात्रा कर रहे हैं तो यात्रा के सभी नियमों और रुट को अच्‍छे से समझ लें। तय समय पर ही यात्रा कैप पर पहुंच जाएं। यदि ग्रुप में यात्रा कर रहे हैं तो अपने ग्रुप से दूर ना हों, एकत्रित होकर ही यात्रा करें। फिट रहने के लिए यात्रा से कुछ दिन पूर्व प्रतिदिन 4-5 किलोमीटर सुबह-शाम सैर करें। 
पहाड़ों पर यात्रा के लिए महिलाएं साड़ी के बजाय सलवार सूट या पैंट पहनें।
 
5. यात्रा करने के बाद अन्य कहीं घूमने का प्लान है तो राज्य के माहौल को अच्‍छे से समझ लें और अनुकूल स्थिति में ही अन्य किसी की यात्रा का निर्णय लें। संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की जानकारी तुरंत सुरक्षाकर्मियों को दें। खाली पेट यात्रा ना करें। 
 
6. अमरनाथ यात्रा पर जाने के लिए 2 रास्ते हैं- एक पहलगाम होकर जाता है और दूसरा सोनमर्ग बालटाल से जाता है। यानी देशभर के किसी भी क्षेत्र से पहले पहलगाम या बालटाल पहुंचना होता है। इसके बाद की यात्रा पैदल की जाती है। सरकार द्वारा निर्धारित रास्ते से ही यात्रा करें। चेतावनी वाले स्थानों पर न रुकें, आगे बढ़ते रहें।

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

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