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देवदर्शन पर करें घर बैठे किसी भी तीर्थ के दर्शन और पूजा

किसी भी परेशानी के कारण तीर्थ यात्रा पर ना जा सकने वाले श्रद्धालुओं की समस्या को दूर करने के लिए दो आईआईटी इंजीनियर प्रणव कपूर और सुयश तनेजा ने देवदर्शन की सुविधा घर पर ही उपलब्ध करवाई है। प्रणव और सुयश ने देवदर्शन नामक ऐप बनाया, जिस पर भारत के 5000 से भी ज्यादा मंदिरों के ऑनलाइन दर्शन के साथ श्रद्धालु पूजा का लाभ भी ले सकते हैं। 
 
महज डेढ़ साल में देवदर्शन ऐप के माध्यम से करीब 5 लाख से भी ज्यादा लोगों ने भारत के प्रसिद्ध मंदिरों के ना केवल दर्शन किए, बल्कि ऑनलाइन पूजा के माध्यम से पुण्य भी प्राप्त किया है। विदेशों में लाखों का पैकेज छोड़कर भारतीय आध्यात्म और संस्कृति के प्रचार के साथ भारत के सभी मंदिरों को एक प्लेटफॉर्म पर लाने के उद्देश्य से प्रणव और सुयश ने इस ऐप को विकसित किया है। 
 
आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जीवन शैली का प्रचार
 
प्रणव कहते हैं कि कोरोना समय में जब यात्रा पर भी प्रतिबंध था, तब उनके दिमाग में यह आइडिया आया। लोगों के लिए किसी एक यात्रा में सभी तीर्थों के दर्शन करना और वहां पूजा करवाना बेहद कठिन है। ऐसे सभी लोगों की समस्या का आसान समाधान देवदर्शन ऐप पर उपलब्ध है। इस ऐप पर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ, देश के सभी ज्योतिर्लिंग, प्रसिद्ध कृष्ण मंदिर, प्रसिद्ध हनुमान मंदिर से लेकर शिर्डी के सांई बाबा और भगवान स्वामी नारायण संस्थान से जुड़े मंदिर के दर्शन किए जा सकते हैं। ऐप के फाउंडर मेंबर सुयश तनेजा का कहना है कि देवदर्शन का दृष्टिकोण देश के प्रसिद्ध हिंदू मंदिरों और गुरुओं को एक डिजिटल मंच प्रदान करना है। यहां वे भारत की आध्यात्मिक शिक्षा एवं सांस्कृतिक जीवन शैली का प्रसार कर सकेंगे और पूरे विश्व को विश्वगुरु भारत की महान संस्कृति व विरासत का ज्ञान भी यहां प्राप्त कर सकते हैं। इस ऐप पर मंदिरों से जुड़ी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक कहानियों को भी जान सकते हैं।
 
1000 से ज्यादा आचार्य वैदिक रीति से करवाते हैं पूजा
 
देवदर्शन ऐप पर भारत के किसी भी जगह पर पूजा का विधान पूरा वेदोक्त हैं। यहां पर उन तीर्थों के प्रमुख आचार्य और पंडित ही किसी भी व्यक्ति के लिए पूजा करवाते हैं। इसका लाभ यह है कि पूजा करवाने वाले श्रद्धालु अपनी किसी भी मनोकामना की पूर्ति के लिए सीधे प्रमुख तीर्थों में संकल्प के माध्यम से पूजा करवा पाते हैं। प्रमुख तीर्थ स्थलों के लगभग 1000 से ज्यादा आचार्य और पंडित इस पूजा को संपन्न करवाते हैं, जिससे कि पूजा में किसी भी तरह की गलती की कोई गुंजाइश ना हो और पूजा करवाने वाले व्यक्ति को उसका पूरा लाभ मिल पाएं।
 
श्रद्धालुओं ने इन मंदिरों में पूजा का लिया लाभ
देवदर्शन ऐप के माध्यम से श्रद्धालुओं ने मप्र के ओंकारेश्वर-ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग, महाराष्ट्र के घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग, अयोध्या के प्रसिद्घ हनुमान गढ़ी मंदिर, हरिद्वार में पशुपतिनाथ महादेव मंदिर, प्रयागराज के नागवासुकी मंदिर, मथूरा-वृंदावन के प्रसिद्ध मंदिरों और उज्जैन के प्रसिद्ध चिंतामण गणेश मंदिर, कांगड़ा के शक्तिपीठ मांग बगलामुखी मंदिर, उज्जैन के शक्तिपीठ मां हरसिद्धि मंदिर और प्रसिद्ध कालभैरव मंदिर, बिहार के मां मुंडेश्वरी मंदिर, लखनऊ के बड़ी काली मंदिर, देहरादून के टपकेश्वर महादेव मंदिर में विशेष पूजा का लाभ ले चुके हैं। वहीं हरिद्वार में गंगा किनारे पितृदोष पूजा और प्रसिद्ध इस्कॉन मंदिर में कृष्ण पूजा के जरिए विशेष पुण्य कमा चूके हैं। अभी देश के अन्य प्रसिद्ध मंदिरों में भी श्रद्धालुओं को सीधे पूजा की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है।

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