ramcharitmanas

राहु-केतु हुए वक्री, जानें देश-विदेश के लिए कैसा होगा यह परिवर्तन

Updated: गुरुवार, 24 सितम्बर 2020 (10:43 IST)
गोचर का ज्योतिष शास्त्र में विशेष महत्व माना गया है। गोचर शब्द 'गम्' धातु से बना है, जिसका अर्थ होता है गतिमान या चलने वाला। वहीं 'चर' शब्द से आशय भी निरंतर गति से होता है। सभी ग्रह निरंतर गतिमान रहते हुए एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते रहते हैं। ग्रहों के इसी राशि परिवर्तन को 'गोचर' कहा जाता है। 
 
ज्योतिष शास्त्र में राहु-केतु को छाया ग्रह माना गया है, इसलिए कुछ विद्वान राहु-केतु के 'गोचर' को अधिक मान्यता नहीं देते हैं किंतु यवनाचार्य जैसे अधिकतर विद्वान ज्योतिष के प्रसिद्ध सिद्धांत 'शनिवत् राहु, कुजवत् केतु' के आधार पर राहु-केतु के गोचर को मान्यता प्रदान करते हैं। राहु-केतु सदैव वक्री गति अर्थात् उल्टे चलते हैं। 
 
23 सितंबर 2020 को राहु गोचरवश अपनी वक्रगति के चलते मिथुन से वृषभ राशि एवं केतु-धनु से वृश्चिक राशि में प्रवेश किया है। राहु को ज्योतिष शास्त्र में शनि के समान व केतु को मंगल के समान स्वभाव वाला ग्रह माना गया है। छाया ग्रह होने के कारण राहु-केतु जिस भाव में; जिस भावेश के साथ होते हैं उसी के अनुरूप फलित करते हैं। 
 
नैसर्गिक रूप से राहु का स्वभाव पृथकताजनक और केतु का स्वभाव आक्रामक व मारणात्मक होता है। राहु-केतु का यह राशि परिवर्तन देश के लिए प्रतिकूल परिस्थितियां उत्पन्न करने वाला रहेगा। राहु-केतु का यह राशि परिवर्तन आम जनमानस पर भी अपना प्रभाव डालेगा। 
 
 
देश में महंगाई और बेरोजगारी बढ़ेगी। सरकार के प्रति जनाअक्रोश उत्पन्न होगा। पड़ोसी देशों से रिश्तों में दरार आएगी। सीमा पर तनाव बढ़ेगा। चीन के साथ युद्ध की स्थिति उत्पन्न होगी और सीमित युद्ध की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। 

(निवेदन- उपर्युक्त विश्लेषण ग्रह-गोचर की गणना पर आधारित है। जन्म पत्रिका में ग्रह स्थिति एवं दशाओं के कारण इसमें परिवर्तन संभव है।)
 
-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र
सम्पर्क: astropoint_hbd@yahoo.com
लेखक के बारे में
पं. हेमन्त रिछारिया
ज्योतिर्विद पं. हेमन्त रिछारिया ज्योतिष प्रभाकर उपाधि से सम्मानित हैं। विगत 12 वर्षों से ज्योतिष संबंधी अनुसंधान एवं ज्योतिष से जुड़ी गलत धारणाओं का खंडन कर वास्तविक ज्योतिष के प्रचार-प्रसार में योगदान दे रहे हैं। कई ज्योतिष आधारित पुस्तकों का लेखन।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

Monsoon Glow Secrets: उमस भरे मौसम में भी चेहरे पर रहेगा पार्लर जैसा निखार, नोट कर लें ये नेचुरल स्किन केयर टिप्स

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

घर पर BP चेक करते समय न करें ये गलतियां, जानें ब्लड प्रेशर नापने का सही तरीका

Monsoon Special Recipes: मानसून की 5 बेहतरीन रेसिपीज, देखते ही मुंह में आ जाएगा पानी

BP Control Tips: हाई ब्लडप्रेशर कम करने के घरेलू उपाय

सभी देखें

Chaturmas Fasting Rules: चातुर्मास में क्या खाएं और क्या नहीं, अपना लिए ये नियम तो होंगे 5 फायदे

सावन मास पर एक भावपूर्ण और मौलिक हिंदी कविता

सावन मास पर हिन्दी में बेहतरीन कविता

Shravan Essay: आस्था, प्रकृति और पवित्रता का उत्सव श्रावण मास, पढ़ें रोचक निबंध

London Trip: प्रधानमंत्री से पब्लिक तक मेट्रो, सिटी बस में सफर करते हैं

अगला लेख