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यादगार बने पहली दिवाली

Written By WD
Updated: बुधवार, 7 नवंबर 2007 (21:24 IST)
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देखते ही देखते दिन बीतते गए और आ गई दिवाली। पहली दिवाली उनके साथ। साथ नया है तो उमंगें भी जवान होंगी ही। इस दिवाली पर ऐसा कुछ करें कि आपके लिए यह दिन बन जाए। आप इस दिवाली को जिंदगी भर याद करें और आत्मविभोर हो सकें।

अभी तक साथ रहते-रहते आपको उनकी पसंद तो पता चल ही गई होगी। कभी उनके मुँह से ही निकल गया हो या छेड़छाड़ में कही गई किसी बात को लेकर आप गिफ्ट तय कर सकती हैं। इस दीपावली पर एक-दूजे की पसंद को ध्यान में रखकर भावनाओं को पोषित करने का अच्छा अवसर है। इस मौके का फायदा उठाएँ। दोनों साथ-साथ शॉपिंग करने जाएँ। परिवार वालों के लिए भी मिल-जुलकर तोहफे खरीद सकते हैं।

सजावट की चीजें, मिठाई या पटाखे भी एक दूसरे की पसंद के खरीदें। पति भी घर की साफ-सफाई, सजावट में पत्नी का भरपूर सहयोग करके प्रेम की रोशनी बढ़ा सकते हैं। सारी तैयारी मिल-जुलकर हँसी-मजाक और शरारत के साथ करें तो न तो थकान होगी न ही काम का तनाव पता चलेगा और त्यौहार का मजा भी दुगुना हो जाएगा।

दीपावली की शाम जो भी मेहमान घर आएँगे उनका ध्यान नई-नवेली दुल्हन पर ही होगा और साथ ही उसके दूल्हे पर भी। अपने जोड़े को इस तरह निखारें कि लोग देखते रह जाएँ और कहें कि वाह! क्या जोड़ी है, मेड फॉर ईच अदर! पति का रूप चमकाने में आप मदद करें। कुछ कॉस्मेटिक्स का भी प्रयोग कर सकती हैं। अपने गहनों का चुनाव पतिजी से करवाएँ और उन्हीं से गहने पहनाने को कहें। गहनों की दमक दुगुनी हो जाएगी।

दिवाली की रात की रोशनी और भी चौंधियाने लगती है जब नवेली सजधजकर शर्माती हुई दिए की थाल लेकर सामने आती है। ऐसे में चुपके से लक्ष्मीजी के प्रसाद की मिठाई उनको खिलाएँ या उनके हाथ से खाएँ तो स्वाद बढ़ ही जाएगा।

आतिशबाजी छोड़ते समय साथ-साथ रहें। अनार और फुलझड़ियाँ साथ छोड़ते हुए जो मजा आएगा वह शब्दों से परे है। पटाखों की आवाज से डरती प्रिया को देखकर प्रिय के मन में जो कोमल भाव उपजेंगे उनका बयान भी मुश्किल है। आने-जाने वालों की आवभगत मिलजुलकरकरेंगे तो कुछ नया ही अहसास प्राप्त होगा। बस आप सोच लें कि इस दिवाली को खास बनाना है तो सब कुछ अपने आप ही खास होता चला
जाएगा।

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