ramcharitmanas

खुद से ही कहें 'जाने भी दो ना ...'

मीनू अतुल जैन

Written By WD
Updated: सोमवार, 23 अप्रैल 2012 (11:12 IST)
राखी के घर पर किटी पार्टी थी। उसने इसके लिए बजाय बाहर से खाने का सामान मंगवाने के, घर पर ही गर्म नाश्ते की व्यवस्था की, लेकिन 6-7 सदस्य बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित हो गईं। इतने लोगों के नाश्ते की तैयारी बेकार जाएगी, यही सोचकर बाकी सदस्य रोष व्यक्त कर रही थी कि नहीं आना था तो कम से कम पहले फोन से बताना तो चाहिए था न, बेचारी राखी की मेहनत बेकार गई। ये भी कोई तरीका है? सामने वाली की परेशानी को तो समझना चाहिए। हर महिला अपनी नाराजगी जाहिर कर रही थी।

FILE



राखी ने ये कहते हुए बात खत्म कर दी - 'जाने भी दो, चलो छोड़ो। हम अपनी पार्टी एंजॉय करते हैं।' उसने न सिर्फ ये कहा, बल्कि ये सोच रखते हुए पूरी पार्टी में होने वाले नुकसान या परेशानी की शिकन तक अपने चेहरे पर नहीं आने दी।

ये बड़ी अचूक दवा है, छोटी-छोटी बातें जो हमें डिस्टर्ब या उद्वेलित कर देती हैं, उन पर यदि 'जाने भी दो' की खाक डाल दी जाए तो हम बहुत सारी भावनात्मक ऊब-डूब से बच सकते हैं। आखिर ये सच है कि जो नुकसान होना था, वो तो हो ही चुका था। अब उस नुकसान को याद करते हुए अपने आयोजन का मजा खराब करने में क्या तुक है? इससे नुकसान की भरपाई तो नहीं की जा सकती है न...! इसकी बजाय ये सोचा जाए कि यदि नुकसान अपनी वजह से हुआ है तो उसकी पुनरावृत्ति से किस तरह बचा जाए? और यदि नुकसान होने में हमारा कोई हाथ नहीं है तो फिर उस नुकसान को कम कैसे किया जाए?

FILE



हमारे रोजमर्रा के जीवन में हर दिन कोई-न-कोई ऐसी घटना घटती ही है, जो हमें आहत करती है, उद्वेलित करती है। बड़ों की टोका-टोकी या छोटों की जिद्द, सहयोगी की टीका-टिप्पणी, छल या फिर मीनमेख निकालना ऐसी बातें जो होती तो छोटी हैं, लेकिन दिल से लगा लेने पर ये बड़ी होती चली जाती हैं और मानसिक क्लेश का कारण बनती हैं।

इसलिए अब जब भी कभी कोई मन दुखाने वाली बात सामने आए या कोई आपका अपना मन दुखा कर चला जाए तो एक गहरी सांस लें और खुद से कहें जाने भी दो ना ... !

वेबदुनिया पर पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

इंदौर में आयोजित होगा राज्य स्तरीय- लक्ष्य मंथन योगासन प्रतियोगिता

दिलों को जोड़ने की एक मुहिम: जानिए राजीव गांधी की जयंती और 'सद्भावना दिवस' का कनेक्शन

आसमान से बरसेगा सेहत या संकट? जानिए बारिश का पानी पीने का सच!

Ebola Virus: क्या है इबोला वायरस? जानिए इसके लक्षण, संक्रमण और बचाव के आसान उपाय

बड़बोले ट्रंप की घटिया बेशर्मी, अंकारा में नहीं था Trump को कोई खतरा