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पुनः संशोधित शनिवार, 18 जुलाई 2015 (00:30 IST)

व्यापमं घोटाला : सीबीआई ने पांच और प्राथमिकी दर्ज की

भोपाल। सीबीआई ने व्यापमं घोटाले में अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए आज पांच और मामले दर्ज किए, जिनमें 2012 में एमबीबीएस छात्रा नम्रता दामोर की रहस्यमय मौत में ‘हत्या’ का पहलू भी शामिल है।

इस तरह जांच एजेंसी द्वारा दर्ज प्राथमिकियों की कुल संख्या बढ़कर 10 हो गई है। साथ ही, इसने खोजी पत्रकार अक्षय सिंह की अचानक हुई मौत की शुरुआती जांच भी दर्ज की है।
 
सीबीआई निदेशक अनिल सिन्हा ने कहा कि जांच एजेंसी ने पांच और मामले दर्ज किए हैं और यह अपनी जांच की स्थिति के बारे में उच्चतम न्यायालय में एक रिपोर्ट सौंपेगी। 

उन्होंने संवाददाताओं को बताया, ‘हम उच्चतम न्यायालय द्वारा सीबीआई को दिए गए तरीकों के दायरे में मामले की जांच करेंगे। हमारा काम जांच करना और अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंपना है तथा यह अदालत की संतुष्टि के लिए किया जाएगा।’ 
 
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इस घोटाले के जुड़े कम से कम 49 लोगों की रहस्यमय हालात में मौत हो चुकी है।
सीबीआई ने टीवी टुडे के रिपोर्टर अक्षय सिंह की रहस्यमय मौत की छानबीन के लिए एक शुरुआती जांच दर्ज की है। मध्यप्रदेश में व्यापमं  से जुड़े घटनाक्रमों की तह में जाने की कोशिश के दौरान उनकी मौत हुई थी।
 
सीबीआई ने बताया कि मध्य प्रदेश पुलिस ने सिंह के मामले में तफ्तीश की थी जहां नम्रता (व्यापमं  की एक गवाह) के पिता का साक्षात्कार करने के बाद वह अचानक बीमार पड़े थे और उनकी मौत हो गई थी। ‘तफ्तीश की कार्यवाही सीबीआई ने एक प्राथमिक जांच दर्ज कर अपने हाथों में ले ली है।’ 
 
सीबीआई ने नम्रता की मौत की जांच के लिए आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत शुक्रवार को एक मामला दर्ज किया। उसने ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए कथित रूप से अवैध तरीका अपनाया था। 
 
वहीं, मध्यप्रदेश पुलिस ने कहा था कि 19 वर्षीय नम्रता को सात जनवरी 2012 को मृत पाया गया था। वह अवसाद से ग्रसित थी और उसने आत्महत्या की थी। मौत से उठने वाले संदेह के बारे में चिकित्सकों की दो टीमों ने अलग-अलग विचार दिए थे। इस लड़की को इस मामले का गवाह माना जा रहा था।
 
दूसरा मामला साल 2010 के प्री मेडिकल टेस्ट में कथित अनियमितता का है और सिर्फ एक व्यक्ति को आरोपी बनाया गया है। 

तीसरा मामला 2010 में व्यापमं द्वारा संचालित परीक्षा के दौरान कथित अनियमितता का है, जिसमें राज्य पुलिस ने चार आरोपियों को नामजद किया था। इस मामले में विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने सात और आरोपियों को नामजद किया था।
 
चौथी प्राथमिकी 2013 की पुलिस भर्ती के सिलसिले में दर्ज की गई है, जबकि पांचवा मामला 22 आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया गया है, जो 2009 की पीएमटी के दौरान उम्मीदवारों की जगह परीक्षा में बैठे थे। 
 
पिछले पांच दिनों से भोपाल में डेरा डाले हुए सीबीआई की टीम ने कथित घोटाले के सिलसिले में पांच मामले दर्ज किए थे जिनमें मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य और उनके बेटे के खिलाफ एक मामला शामिल है।
 
उच्चतम न्यायालय ने मध्य प्रदेश व्यवसायिक परीक्षा बोर्ड (व्यापमं) से जुड़े घोटाले की जांच पिछले सीबीआई को सौंपी थी। राजनीतिक पार्टियां..खासतौर पर कांग्रेस करोड़ों रुपए के घोटाले के सिलसिले में मंगलवार से शुरू हो रहे संसद के मॉनसून सत्र में सरकार को घेरेने के लिए तैयार है, जिसमें नौकररियों की भर्तियों में अनियमितता भी शामिल है। 
 
कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नई दिल्ली में पार्टी का रूख जाहिर करते हुए कहा, ‘हमारा मानना है कि इन बरसों में मध्यप्रदेश सरकार की निष्क्रियता के चलते देर हुई। कई जानें गई हैं। जिन्होंने रिश्वत दी, उनमें कई हजार लोग जेल में पड़े हुए हैं, लेकिन जिन्होंने रिश्वत ली वे अभी तक खुले घूम रहे हैं।’ 
 
इस बीच, मप्र पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य एवं भाजपा नेता गुलाब सिंह किरार को पार्टी ने निलंबित कर दिया है। इस घोटाले में उनका नाम अपने बेटे के साथ आरोपी के रूप में है। सीबीआई ने उनके खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की है। (भाषा)