बिग बॉस के पूर्व प्रतिभागी स्वामी ओम को झटका
नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने बिग बॉस के पूर्व प्रतिभागी स्वामी ओम को यह कहते हुए अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया कि उन पर लगे आरोप गंभीर प्रकृति हैं और वह जांच को प्रभावित कर सकते हैं। स्वामी ओम और उनके सहयोगियों पर एक महिला से छेड़छाड़ करने तथा उसे धमकाने का आरोप है।
विशेष न्यायाधीश संजीव अग्रवाल ने स्वामी ओम को राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि वह गवाहों को डरा-धमका सकते हैं और वर्तमान स्थिति में अग्रिम जमानत के लिए कोई आधार नहीं बनता है।
अदालत ने कहा, 'आरोपी पर लगे आरोपों की गंभीरता और उनकी पिछली गतिविधियों को देखते हुए यह अंदेशा है कि वह गवाहों को भयभीत कर सकते हैं और जांच को प्रभावित कर सकते हैं, इस चरण में अग्रिम जमानत का कोई आधार नहीं बनता, अर्जी खारिज की जाती है।'
स्वामी ओम चार अन्य मामलों में भी आरोपी हैं और उनके सह आरोपी संतोष आनंद स्वामी की अग्रिम जमानत की याचिका पहले ही अदालत रद्द कर चुकी है।
अदालत ने स्वामी ओम की अग्रिम जमानत की याचिका पर यह आदेश दिया। ओम ने कहा था कि उन्हें इस मामले में फंसाया गया है और चूंकि वह भारतीय संस्कृति की वकालत करते हैं इसलिए समाज विरोधी तत्व उनकी सामाजिक गतिविधि को रोकना चाहते हैं।
आरोपों से इनकार करते हुए स्वामी ओम ने कहा कि सात फरवरी को जब यह कथित घटना हुई तब उनका पूरा दिन सुरक्षा की मांग को लेकर दिल्ली पुलिस के विभिन्न दफ्तरों में गुजरा।
हालांकि अदालत ने याचिका को रद्द करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया उनका बयान सत्य प्रतीत नहीं होता क्योंकि जांच अधिकारी ने बताया है कि उन्होंने डीसीपी (केंद्रीय जिला) के आगंतुक रजिस्टर को जांचा था, जिसमें सात फरवरी के दिन आरोपी का नाम दर्ज नहीं है।
स्वामी ओम की कॉल डिटेल भी बताती है कि जिस दिन यह घटना हुई वह राजघाट क्षेत्र में ही थे, जो घटनास्थल भी है। (भाषा)