ममता बनर्जी को बड़ा झटका, शुभेंदु अधिकारी ने मंत्री पद से दिया इस्तीफा

पुनः संशोधित शनिवार, 28 नवंबर 2020 (00:22 IST)
कोलकाता। के वरिष्ठ नेता एवं पश्चिम बंगाल के परिवहन मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही अटकलें लगाई जा रही हैं कि अधिकारी राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी छोड़ सकते हैं। इस बीच कूचबिहार पूर्व से तृणमूल कांग्रेस के विधायक मिहिर गोस्वामी ने पार्टी छोड़ दी और नई दिल्ली में भाजपा में शामिल हो गए।
अधिकारी नंदीग्राम आंदोलन का प्रमुख चेहरा थे और यह आंदोलन पार्टी नेता ममता बनर्जी को 2011 में सत्ता में लाने का एक अहम कारक बना था। पार्टी नेतृत्व से अनबन के बाद अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपना इस्तीफा फैक्स के जरिए भेजा और उसे राज्यपाल जगदीप धनखड़ को भी ई-मेल कर दिया। कुछ ही घंटों बाद राज्यपाल ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया।

अधिकारी ने अपने इस्तीफे में लिखा कि मैं मंत्री के रूप में अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं। इसे तत्काल प्रभाव से स्वीकार किए जाने के संबंध में कदम उठाए जाने चाहिए। मैं साथ ही पश्चिम बंगाल के राज्यपाल को भी यह ई-मेल कर रहा हूं और उनसे आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध करता हूं। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता की सेवा करने का मौका देने के लिए मैं आपका शुक्रिया अदा करता हूं, इसे मैंने पूरी प्रतिबद्वता, लगन और ईमानदारी के साथ किया।
अधिकारी ने इसके साथ ही हल्दिया विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे दिया। भाजपा ने कहा कि यह इस्तीफा तृणमूल नेताओं का पार्टी नेतृत्व के प्रति गुस्सा दर्शाता है। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव कैलाश विजयवर्गीय ने अधिकारी के पार्टी में शामिल होने की अटकलों पर कुछ भी कहने से इंकार किया।

राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि अधिकारी का इस्तीफा ‘तृणमूल के अंत’ का इशारा करता है। उन्होंने संवादताओं से कहा कि शुभेंदु का तृणमूल से निकलना वक्त की बात है। सत्तारूढ़ पार्टी के कई ऐसे नेता हैं जो पार्टी के कामकाज के तरीके से नाखुश हैं। हमारे दरवाजे खुले हैं।
अधिकारी पिछले कई माह से कैबिनेट की बैठकों में शामिल नहीं हो रहे थे और सांसद सौगत राय और सुदीप बंदोपाध्याय को उनसे बात करने और मामले को हल करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अधिकारी लगातार राज्य का दौरा कर रहे थे और समर्थकों की रैलियों में शामिल हो रहे थे लेकिन वह यह सब पार्टी के बैनर से दूर रह कर रहे थे जो पार्टी के लिए आम बात नहीं है।

राय ने इस घटनाक्रम पर कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अधिकारी पार्टी में बने रहेंगे क्योंकि उन्होंने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया है और न ही विधायक पद से।
राय ने कहा कि हम उनसे बात करेंगे। एक तरफ जहां तृणमूल कांग्रेस अधिकारी के मामले में उलझी हुई थी तो वहीं दूसरी तरफ कूचबिहार पूर्व से पार्टी के विधायक मिहिर गोस्वामी राष्ट्रीय राजधानी में भाजपा में शामिल हो गए।

इस बीच, कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ' तृणमूल की प्रगति में शुभेंदु ने जो भूमिका निभाई थी, उससे हम सभी वाकिफ हैं। उनका जाना यह दर्शाता है कि तृणमूल कांग्रेस पतन की ओर बढ़ रही है।' (भाषा)



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