सुपरटेक को फ्लैटधारकों को रकम लौटाने का निर्देश
Publish Date: Mon, 27 Mar 2017 (18:14 IST)
Updated Date: Mon, 27 Mar 2017 (18:16 IST)
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने 'सुपरटेक बिल्डर्स' को नोएडा के एमरल्ड कोर्ट के फ्लैट धारकों को 4 सप्ताह में रकम लौटाने का सोमवार को निर्देश दिया। न्यायालय मामले की अगली सुनवाई 9 अगस्त को करेगा।
सुनवाई के दौरान सुपरटेक के वकील ने कहा कि बिल्डर ने न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए 5 करोड़ रुपए उसकी रजिस्ट्री में जमा करा दिए हैं। इस पर न्यायालय ने रजिस्ट्री को इन पैसों को सावधि जमा योजना के तहत जमा कराने का आदेश दिया।
न्यायालय ने कहा कि फ्लैट खरीददार बिल्डर से संपर्क करके रकम लौटाने की अर्जी एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड को दे सकते हैं। अर्जी देने के 4 सप्ताह के भीतर सुपरटेक को फ्लैटधारकों को रकम लौटाने होंगे।
इसके पहले 6 जनवरी को न्यायालय ने सुपरटेक बिल्डर्स की इस अर्जी को स्वीकार कर लिया था कि उसे 10 जनवरी तक 10 करोड़ रुपए जमा करने से छूट दी जाए। सुपरटेक की दलील थी कि नोटबंदी की वजह से उसे पैसे जुटाने में दिक्कत हो रही है। न्यायालय ने उसकी दलील स्वीकार करते हुए 10 करोड़ रुपए जमा कराने के लिए 20 मार्च तक का समय दिया था।
न्यायालय ने पिछले वर्ष के अंत में हुई सुनवाई के दौरान सुपरटेक को आदेश दिया था कि वह रजिस्ट्री में 10 करोड़ रुपए जमा कराए ताकि नोएडा के एमरल्ड कोर्ट के फ्लैटधारकों को पैसे दिए जा सकें।
न्यायालय ने यह भी कहा था कि अगर उसे ऐसा लगेगा कि इन दोनों टॉवरों का निर्माण कानून का उल्लंघन करके किया गया है तो वह उसे ढहाने की अनुमति देगा। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दोनों टॉवरों को अवैध घोषित करके गिराने के आदेश दिए थे, लेकिन बाद में शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगा दी थी और टॉवर को सील करने के आदेश दिए थे। न्यायालय ने 14 फीसदी ब्याज के साथ खरीदारों को रकम वापस करने के लिए कहा था। (वार्ता)