देश का पहला अंतरराष्ट्रीय ओशो महोत्सव जबलपुर में, देश विदेश से जुटेंगे हजारों लोग

Last Updated: मंगलवार, 10 दिसंबर 2019 (23:00 IST)
मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार द्वारा देश में पहली बार 11 से 13 दिसंबर तक अंतरराष्ट्रीय ओशो महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश के अध्यात्म विभाग द्वारा यह आयोजन में किया जा रहा है। जबलपुर में आचार्य रजनीश ने अपने जीवन के 21 बरस गुजारे थे और यहीं पर मौलश्री के वृक्ष के नीचे उन्हें संबोधि प्राप्त हुई थी। इस वजह से जबलपुर को सिटी ऑफ ओशो भी कहा जाता है। प्रदेश सरकार इस आयोजन के माध्यम से जबलपुर को देश-दुनिया में पहचान दिलाने के प्रयास में जुटी है।
दुनियाभर में ओशो रजनीश प्रेमी और संन्यासी ओशो के कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं। ओशो एक क्रांतिकारी विचारक थे। उनके बारे में सबकी राय अलग-अलग है। अपने तर्कों से दकियानूसी समाज की जड़ें हिला देने वाले ओशो पूरी दुनिया में पढ़े और सुने जाते हैं। लेकिन भारत में इससे पहले उनके दर्शन और अध्यात्म के प्रसार के लिए इस तरह का आयोजन करने के बारे में नहीं सोचा गया था। मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने यह पहल की है।

osho mahotsav jabalpur
को ओशो के जन्मदिवस के मौके पर इस आयोजन में शिकरकत करने के लिए देश के अलावा दुनियाभर से ओशो के अनुयायी जबलपुर पहुंचेंगे, जहां ओशो के व्यक्तित्व, उनके कृतित्व और आध्यात्मिक दर्शन का महाकुंभ सजेगा। जानी-मानी हस्तियां करेंगी शिरकत।

देवताल में स्थित ओशो आश्रम में इस अंतरराष्ट्रीय महोत्सव को लेकर खासा उत्साह है। 11 दिसंबर से शुरू हो रहे इस अंतरराष्ट्रीय महोत्सव में तरंग ऑडिटोरियम में ओशो के संदेशों वाले व्याख्यान और ध्यान के कार्यक्रमों के अलावा कई रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।
इसमें पहले दिन इंटरनेशनल ड्रमर शिव मणि प्रस्तुति देंगे, जबकि दूसरे दिन रेखा भारद्वाज का सूफी गायन होगा। महोत्सव में विशाल कवि सम्मेलन और बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर सुभाष घई की अध्यक्षता में ओशो फिल्म फेस्टिवल का भी आयोजन होगा।


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