तमिलनाडु में चला स्टालिन का सिक्का, 10 साल का 'राजनीतिक वनवास' हुआ खत्म

Last Updated: रविवार, 2 मई 2021 (23:32 IST)
चेन्नई। पहली बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने जा रहे ने रविवार को राज्य के लोगों को उनकी पार्टी को जीत दिलाने को लेकर धन्यवाद दिया और उन्हें आश्वासन दिया कि वे उनके लिए ईमानदारी से काम करेंगे। स्टालिन ने उनकी पार्टी को 6ठी बार तमिलनाडु पर शासन करने का जनादेश देने को लेकर राज्य के सभी लोगों के प्रति 'हार्दिक धन्यवाद' प्रकट किया।
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निर्वाचन आयोग के शाम 6.30 बजे के आंकड़े के हिसाब से द्रमुक कुल 234 सीटों में से 122 पर आगे चल रही है बाकी उसने 2 सीटें जीत ली हैं। अन्नाद्रमुक 74 सीटों पर आगे है और उसने 2 सीटें जीती हैं। द्रमुक के सहयोगी दल कांग्रेस 17, भाकपा और माकपा 2-2 तथा विदुथलई चिरुथैगल काच्चि 3 सीटों पर आगे चल रही हैं। अतीत में द्रमुक 2006-11, 1996-2001, 1989-91, 1971-76 और 1967-71 के दौरान राज्य पर शासन कर चुकी है।

स्टालिन ने एक बयान में कहा कि लोगों ने यह अहसास करके अपना भारी जनसमर्थन दिया है कि यदि द्रमुक सत्ता में आई तो उनका कल्याण सुरक्षित रहेगा। तमिलनाडु की सत्ता पर पिछले 10 वर्षों से एआईएडीएमके काबिज रही है। साल 2011 के विधानसभा चुनाव में जयललिता के नेतृत्व में सत्ता में लौटी एआईएडीएमके 2016 में अपनी सत्ता बरकरार रखने में सफल रही थी, मगर उसी साल जयललिता का निधन हो गया तथा बाद में मुख्यमंत्री का पद ओ. पन्नीरसेल्वम को मिला फिर बाद में ई. पलानीस्वामी को सीएम बना दिया गया था। (भाषा)



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