कोटा : मासूमों की मौत पर सियासत, 31 दिनों में 100 बच्चों की मौत, मायावती बोलीं- प्रियंका गांधी न करें 'नाटकबाजी'

Last Updated: गुरुवार, 2 जनवरी 2020 (09:42 IST)
के कोटा में जेके लोन अस्पताल में बच्चों के मरने का सिलसिला जारी है। दिसंबर के आखिरी दिन यहां 9 और बच्चों की हो गई है। 31 दिनों में करीब 100 मासूमों की मौत हो गई है। मासूमों की मौत पर जमकर राजनीति हो रही है। कोटा में हो रही मासूमों की मौत को लेकर बसप्रा सु‍प्रीमो मायावती ने कांग्रेस और प्रियंका पर निशाना साधा है।
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मायावती ने ट्वीट कर कहा कि 'कांग्रेस शासित राजस्थान के कोटा जिले में हाल ही में लगभग 100 मासूम बच्चों की मौत से माओं का गोद उजड़ना अतिदुःखद व दर्दनाक। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत स्वयं व उनकी सरकार इसके प्रति अभी भी उदासीन, असंवेदनशील व गैर-जिम्मेदार बने हुए हैं, जो अतिनिंदनीय।'
मायावती ने अपने ट्‍वीट में कहा कि उससे भी ज्यादा अतिदु:खद है कि कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व व खासकर महिला महासचिव की इस मामले में चुप्पी साधे रखना। अच्छा होता कि वे उत्तरप्रदेश की तरह उन गरीब पीड़ित मांओ से भी जाकर मिलतीं जिनकी गोद केवल उनकी पार्टी की सरकार की लापरवाही कारण उजड़ गई हैं।

मायावती ने ट्‍वीट कर कहा कि यदि कांग्रेस की महिला राष्ट्रीय महासचिव राजस्थान के कोटा में जाकर मृतक बच्चों की ‘माओं‘' से नहीं मिलती हैं, तो यहां अभी तक किसी भी मामले में यूपी पीड़ितों के परिवार से मिलना केवल इनका यह राजनीतिक स्वार्थ व कोरी नाटकबाजी ही मानी जाएगी। इससे उत्तरप्रदेश की जनता को सतर्क रहना है।
भाजपा संसदीय समिति ने किया था दौरा : मंगलवार को सांसद लॉकेट चटर्जी, कांता कर्दम और जसकौर मीणा वाली भाजपा संसदीय समिति के एक दल ने अस्पताल का दौरा कर वहां के इंफ्रास्ट्रक्चर पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अस्पताल में एक ही बिस्तर पर 2-3 बच्चों को रखा गया है। अस्पताल में पर्याप्त संख्या में नर्सों की भी कमी है। इससे पहले राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने राज्य सरकार को इस मामले पर कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

आयोग के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने कहा कि अस्पताल परिसर में सूअर विचरण करते मिले थे। 23-24 दिसंबर के दौरान 10 बच्चों की सरकारी अस्पताल में मौत के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार पर निशाने पर है। राजस्थान सरकार की समिति ने कहा कि नवजातों को सही उपचार दिया गया था।



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