कुवैत दूतावास में भूखा-प्यासा पड़ा है गोंडा का युवक

गोंडा| पुनः संशोधित बुधवार, 27 अप्रैल 2016 (15:17 IST)
गोंडा। अच्छी नौकरी के झांसे में आकर कुवैत गए और वहां सहन करने को मजबूर उत्तरप्रदेश के गोंडा निवासी एक युवक के परिजनों ने उसकी घर वापसी के लिए विदेश मंत्रालय से मदद की गुहार लगाई है।

जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र में स्थित फिरोजपुर गांव के निवासी अंसार खान (26) ने कुवैत में वादे के विपरीत अमानवीय तरीके से काम लिए जाने से त्रस्त होकर भारतीय दूतावास से मदद मांगी है।

उसके परिजनों के मुताबिक उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है और धन तथा खाने-पीने का सामान नहीं होने के कारण वह पिछले एक सप्ताह से दूतावास में भूखा- प्यासा पड़ा है।
खान के पिता बहरैची ने बुधवार को यहां बताया कि उनका पुत्र कुवैत में एक एजेंट द्वारा उपलब्ध कराए गए वीजा पर गत 15 जनवरी को 2 वर्ष के लिए कुवैत गया था। उनके बेटे को 'ऑफिस ब्वॉय' के रूप में रोजाना 8 घंटे काम करने की बात कही गई थी।

बहरैची का कहना है कि उन्होंने अपने बेटे को कुवैत भेजने के लिए जमीन बेचकर मिले 1 लाख 35 हजार रुपए एजेंट को दिए थे। कुवैत पहुंचने के बाद उनके बेटे को प्रचंड गर्मी में ऊंट और भेड़ चराने के काम में लगा दिया गया। साथ ही रोजाना 16 से 18 घंटे काम लेते हुए प्रताड़ित भी किया जाने लगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे को अब तक केवल 1 माह का पारिश्रमिक दिया गया है, जबकि उसे काम करते हुए 3 माह पूरे हो चुके हैं। प्रताड़ना से दुखी अंसार गत 20 अप्रैल को भागकर कुवैत स्थित भारतीय दूतावास पहुंचा। वहां उसने अपनी लिखित शिकायत क्रमांक 1425 पर दर्ज कराई। इसके बावजूद उसकी शिकायत पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। (भाषा)



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