Hanuman Chalisa

'आजादी' की जंग धमकियों की जंग में बदल चुकी है कश्मीर में, धमकियों की बौछार से परेशान हुए कश्मीरी

सुरेश एस डुग्गर
रविवार, 12 अगस्त 2018 (10:24 IST)
श्रीनगर। हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीर में 'आजादी' समर्थक मुहिम में आई तेजी के साथ ही धमकियां जारी करने का क्रम भी तेज हुआ है। दूसरे और स्पष्ट शब्दों में कहें तो कश्मीर में छेड़ी गई तथाकथित आजादी की जंग अब पूरी तरह से धमकियों की जंग में तब्दील हो चुकी है, ऐसा कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं है।
 
ताजा घटनाक्रम में पुलिस के एसपीओ को नौकरी छोड़ देने तथा स्कूली छात्रों को स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग न लेने की चेतावनी दी गई है। इससे पहले कश्मीर में मस्जिदों के बाहर धमकीभरे पोस्टर लगाकर धमकी दी गई है कि जो लोग देशविरोधी अभियान के खिलाफ काम कर रहे हैं, उन्हें मौत के घाट उतार दिया जाएगा। इस बात की परवाह किए बिना कि उन्होंने एक बार काम किया है या फिर लंबे समय से काम कर रहे हैं। पोस्टरों में आईएस का चित्र भी बना है।
 
गौरतलब है कि इससे पहले लड़कियों को स्कूटी नहीं चलाने सबंधी धमकियां दी गई हैं और उन्हें स्कूटी चलाने पर जिंदा जला देने की धमकियां जारी की गई हैं। इसी के साथ हड़ताल न करने वालों को भी सबक सिखाने की धमकी जारी की जा रही है। पिछले 25 दिनों के दौरान कितनी धमकियां लोगों को जारी की गई हैं अब इसका हिसाब उसी प्रकार रखना मुश्किल है जिस प्रकार कश्मीर में 26 सालों से जारी आतंकवाद के दौर के दौरान जारी की जाने वाली हजारों धमकियों का हिसाब अब किसी को भी याद नहीं है।
 
वैसे कश्मीर में धमकियां जारी करने का क्रम कोई नया नहीं है। जानकारी के लिए कश्मीर में आतंकवाद की शुरुआत कश्मीरी पंडितों को कश्मीर खाली करने की धमकियों से शुरू हुई थी और आज हालात यह है कि जिन्होंने ऐसी धमकियां जारी करने में आतंकियों का साथ दिया था आज उन्हीं की बेटियों को जिंदा जला देने की धमकियां सीमा पार से आने वाले विदेशी आतंकी दे रहे हैं। वे ऐसी धमकियां इसलिए देने लगे हैं, क्योंकि उनकी बेटियां स्कूटी चलाकर जमाने के साथ आगे बढ़ना चाहती हैं।
 
अतीत की तरह पिछले 25 दिनों के दौरान जारी की गई धमकियों पर भी पुलिस ने वही कार्रवाई की है। पोस्टरों को उखाड़ दिया गया और रोजनामचे में कार्रवाई को दर्ज कर लिया गया है। ऐसी धमकियां देने वाले न ही पहले कभी पकड़े गए और न ही ताजा धमकी देने वाले अभी तक पकड़े गए हैं।
 
इतना जरूर था कि कश्मीर में पिछले 26 सालों के दौरान जिस तेजी से धमकियों का दौर चला उसके साथ ही लोगों ने उनके साये में जीना सीख लिया। कभी छात्रों और छात्राओं को अगल-अलग सफर करने, अलग-अलग टयूशन सेंटरों में पढ़ने और कभी बुर्का पहनाने की धमकियां भी आई थीं। लेकिन वे आज उसी तरह हवा में गायब हो चुकी हैं जिस तरह से उनको जारी करने वाले आतंकी गुट।
 
एक रोचक तथ्य इन धमकियों के बारे में हमेशा यही रहा है कि हर बार किसी नए छद्म नाम वाले आतंकी गुट ने ऐसी धमकियां जारी की, प्रचार पाया और फिर हवा में गुम हो गया।

Show comments

Hero VIDA VX2 Plus लॉन्च: 187KM रेंज, 65 मिनट फास्ट चार्जिंग और रिकॉर्ड बनाने वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर

PM Kisan Samman Nidhi की 24वीं किस्त कब आएगी खाते में, पूरा करें यह काम नहीं तो अटक जाएगा आपका पैसा

E20 पेट्रोल से कितना घटेगा माइलेज, पेट्रोलियम मंत्रालय ने दिया यह जवाब

Super Typhoon Bavi : सुपर टाइफून 'बावी' का असर भारत तक, चीन-ताइवान-जापान में हाई अलर्ट, देश के कई राज्यों में भी घट सकती है बारिश

Bankipur Bypoll में BJP को बड़ा झटका, उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा ने नामांकन के अगले ही दिन वापस लिया नाम, जानिए कौन है नया उम्मीदवार

सभी देखें

राम मंदिर ट्रस्ट में अंतरर्कलह, नृपेंद्र मिश्रा बोले- मुझे बैठक में नहीं बुलाया, धर्म सेना प्रमुख का पलटवार- ट्रस्ट नहीं ये गिरोह है

गांव के होनहारों को अफसर बनाने के लिए योगी सरकार का मेगा प्लान

जनसेवा सर्वोपरि, प्रतिकूल मौसम में भी CM योगी ने किया जनता दर्शन

JioFinance से अब सिर्फ 24 रुपए से भरें ITR, साथ में मिलेगा JioPoints का फायदा

ममता बनर्जी को महाझटका! TMC के 12 और बैंक खाते सील, अब तक 1000 करोड़ रुपए लॉक

अगला लेख